राजकोषीय घाटा 2023-24 में सुधरकर जीडीपी के 5.63 प्रतिशत पर

राजकोषीय घाटा 2023-24 में सुधरकर जीडीपी के 5.63 प्रतिशत पर

राजकोषीय घाटा 2023-24 में सुधरकर जीडीपी के 5.63 प्रतिशत पर
Modified Date: May 31, 2024 / 06:29 pm IST
Published Date: May 31, 2024 6:29 pm IST

नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) सरकार का राजकोषीय घाटा बीते वित्त वर्ष में जीडीपी का 5.63 प्रतिशत रहा। यह केंद्रीय बजट में जताये गये 5.8 प्रतिशत के अनुमान से कुछ कम है।

वास्तविक रूप से राजकोषीय घाटा यानी व्यय और राजस्व के बीच अंतर 16.53 लाख करोड़ रुपये रहा।

सरकार ने एक फरवरी को पेश अंतरिम बजट में 2023-24 के संशोधित अनुमान में राजकोषीय घाटा 17.34 लाख करोड़ रुपये यानी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

महालेखा नियंत्रक के आंकड़ों के अनुसार, सरकार राजस्व संग्रह के लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब रही है।

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 2023-24 में 23.36 लाख करोड़ रुपये जबकि व्यय 44.42 लाख करोड़ रुपये रहा।

भाषा रमण अनुराग

अनुराग


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