Sagar Nurse Murder Case Solved : नर्स को शादी के लिए करता था मजबूर! इंकार मिला तो मौसेरे भाई ने कर दिया था ये खौफनाक कांड, 4 महीने बाद खुले राज़
सागर जिले के शाहगढ़ में चार महीने पहले हुई स्टाफ नर्स दीपशिखा चड़ार की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और मृतका के मौसेरे भाई सुशील आठ्या को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शादी का दबाव बना रहा था और संदेह व एकतरफा जुनून के चलते उसने अस्पताल गेट पर दीपशिखा को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था।
Sagar Nurse Murder Case Solved / Image Source : FILE
- सागर के चर्चित नर्स हत्याकांड में मुख्य आरोपी सुशील गिरफ्तार।
- शादी का दबाव और शक के चलते मौसेरे भाई ने की थी हत्या।
- आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
सागर : मध्य प्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ में चार महीने पहले हुए चर्चित नर्स हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर 4 फरवरी 2026 की रात 22 वर्षीय स्टाफ नर्स दीपशिखा चड़ार की गोली मारकर हत्या करने वाले उसके मौसेरे भाई सुशील आठ्या सहित उसके सहयोगी दोस्त को पुलिस ने जबलपुर से गिरफ्तार किया है।
आरोपी पर 20 हज़ार का इनाम था घोषित
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद से आरोपी फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर 20,000 इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सुशील जबलपुर में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद उसे सागर लाया गया। जहां पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा।
तीन राउंड हुई फायरिंग
जानकारी के अनुसार 4 फरवरी की रात करीब 7:45 बजे दीपशिखा अपनी नाइट ड्यूटी के लिए कमरे से निकलकर अस्पताल पहुंच रही थी। जैसे ही वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट के पास पहुंची, पहले से घात लगाए बैठे सुशील ने देशी पिस्टल से उस पर ताबड़तोड़ तीन राउंड फायर कर दिए। गोली लगते ही दीपशिखा मौके पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से दो गोलियां बरामद हुई थीं।
मौसेरे भाई-बहन थे दीपशिखा और आरोपी सुशील
जांच में सामने आया कि मृतका दीपशिखा और आरोपी सुशील आपस में मौसेरे भाई-बहन थे। दोनों ने साथ में नर्सिंग की पढ़ाई की थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद दीपशिखा की सरकारी नौकरी शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लग गई, जबकि सुशील बेरोजगार था। बताया जा रहा है कि शुरुआती दौर में दोनों के बीच नजदीकियां थीं, लेकिन नौकरी लगने के बाद दीपशिखा शाहगढ़ में रहने लगी। सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि सुशील लगातार दीपशिखा पर शादी करने का दबाव बना रहा था।
संदेह के चलते मारी गोली
शाहगढ़ आने के बाद उसे शक होने लगा कि दीपशिखा किसी अन्य व्यक्ति से बात करती है और उसे नजरअंदाज कर रही है। इसी संदेह, नाराजगी और एकतरफा जुनून के चलते उसने हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दे दिया। मामले के पुलिस ने सुशील के दोस्त को भी गिरफ्तार किया जिसने सुशील को देशी पिस्टल उपलब्ध कराई थी। बहरहाल 4 माह से फरार चल रहे हत्या के इनामी आरोपी को पकड़ने में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

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