आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर ने महंगाई का लक्ष्य बढ़ाने का समर्थन किया

आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर ने महंगाई का लक्ष्य बढ़ाने का समर्थन किया

आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर ने महंगाई का लक्ष्य बढ़ाने का समर्थन किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:41 pm IST
Published Date: March 22, 2021 5:32 pm IST

नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन ने सोमवार को जोर दिया कि केंद्रीय बैंक को अपने 2-6 प्रतिशत के मुद्रास्फीति के लक्ष्य को बदलना चाहिए और कहा कि जब तक सरकार उचित व्यापक आर्थिक प्रबंधन कर रही है, मुद्रास्फीति में तीव्र वृद्धि नहीं होगी।

आरबीआई ने इस समय मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें ऊपर या नीचे दो प्रतिशत का घट-बढ़ हो सकता है।

आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नीतिगत दरों पर निर्णय लेती है।

मोहन ने सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस (सीएसईपी) द्वारा डिजिटल तरीके से आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘इन दिनों मौद्रिक नीति के ढांचे को देखते हुए, मैं कहूंगा कि (खुदरा महंगाई) के लक्ष्य को चार प्रतिशत से बदलकर पांच प्रतिशत क्यों न किया जाए?’’

उन्होंने कहा कि यदि मुद्रास्फीति (खुदरा) का लक्ष्य पांच प्रतिशत है, और वृद्धि का लक्ष्य सात प्रतिशत है, तो ये वास्तविक होगा।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने मौजूदा मध्यम अवधि का मुद्रास्फीति लक्ष्य अगस्त 2016 में अधिसूचित किया था। इसकी अवधि 31 मार्च को समाप्त होगी। अगले पांच साल के लिये मुद्रास्फीति का लक्ष्य अप्रैल से शुरू होगा। अगले महीने इसे अधिसूचित किये जाने की संभावना है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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