सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई को अब निवेशक समूह का ब्योरा देने की जरूरत नहीं

सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई को अब निवेशक समूह का ब्योरा देने की जरूरत नहीं

सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई को अब निवेशक समूह का ब्योरा देने की जरूरत नहीं
Modified Date: September 7, 2026 / 06:08 pm IST
Published Date: September 7, 2026 6:08 pm IST

नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) बाजार नियामक सेबी ने विदेशी निवेशकों के लिए निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कदम उठाया। इसके तहत केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को अब निवेशक समूह का ब्योरा देने की जरूरत नहीं होगी।

इस कदम का उद्देश्य केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई के लिए नियामकीय अनुपालन को सुगम बनाना है।

यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक के पांच जून को सामान्य मार्ग के तहत सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई के लिए निर्धारित निवेश सीमा का अनुपालन करने की आवश्यकता वापस लिए जाने के बाद उठाया गया है।

इसके परिणामस्वरूप, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई के लिए अपने निवेशक समूह की पहचान बताने की आवश्यकता अब प्रासंगिक नहीं रह गई है और इसलिए इसे हटा दिया गया है।

नियामक ने कहा, ‘‘केवल सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले एफपीआई को निवेशक समूह का ब्योरा देने की आवश्यकता नहीं होगी।’’

यह नई रूपरेखा तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

भाषा रमण अजय

अजय


लेखक के बारे में