चिकित्सा क्षेत्र में परीक्षण उपकरणों का 100 प्रतिशत खर्च उठाएगी सरकार : गोयल
चिकित्सा क्षेत्र में परीक्षण उपकरणों का 100 प्रतिशत खर्च उठाएगी सरकार : गोयल
नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को वैश्विक ग्राहकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरण विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि सरकार परीक्षण उपकरणों की खरीद के लिए 100 प्रतिशत धन उपलब्ध कराने को तैयार है।
यहां दवा उद्योग से जुड़े दो कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों को प्रौद्योगिकी साझेदारी करनी चाहिए, संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना चाहिए तथा वैश्विक नवोन्मेषकों और बड़ी दवा कंपनियों को भारत आने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।
गोयल ने कहा, ‘‘हमें उच्च गुणवत्ता के साथ अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत कर महत्वपूर्ण कलपुर्जों का परिवेश तैयार करना चाहिए। हमें साझा परीक्षण बुनियादी ढांचा सुविधाएं बनानी चाहिए, जहां इन उपकरणों का परीक्षण और मूल्यांकन किया जा सके, उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानकों के अनुरूप परखा जा सके और वैश्विक ग्राहकों के लिए प्रमाणित तथा प्रदर्शित किया जा सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के माध्यम से हम आपके उपकरणों के लिए सर्वश्रेष्ठ परीक्षण उपकरणों की लागत का 100 प्रतिशत वहन करने को तैयार हैं…भारत सरकार परीक्षण उपकरणों की खरीद के लिए 100 प्रतिशत धन देगी। आप हमसे मांग करें, आपकी ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। हम सबसे आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करेंगे।’’
गोयल ने डिजाइन, कॉपीराइट, पेटेंट कानूनों और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) व्यवस्था में सुधार की भी जरूरत बताई, ताकि दुनिया भर के लोग भारत की ओर आकर्षित हों और देश नवोन्मेष का वैश्विक केंद्र बन सके।
उन्होंने कहा कि भारत को लागत के मामले में बड़ा लाभ हासिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रौद्योगिकी साझेदारी करनी चाहिए, खरीदारों और विक्रेताओं के बीच बेहतर संबंध बनाने चाहिए और संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां मिलकर डिजाइन और विकास करना चाहिए तथा अन्य देशों के साथ संयुक्त अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।’’
मंत्री ने बीमा कंपनियों और स्वास्थ्य-प्रौद्योगिकी कंपनियों से ऐसे उत्पाद और मंच विकसित करने को कहा, जिससे मरीजों के लिए इलाज की प्रक्रिया अधिक सुगम हो और उन्हें समय पर भुगतान मिल सके।
उन्होंने उद्योग से देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करने तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं देने में सक्षम कुशल कार्यबल तैयार करने का भी आह्वान किया।
उन्होंने अधिक अस्पतालों को ईमानदार और पारदर्शी उपचार पैकेज प्रकाशित करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।
गोयल ने कहा कि अस्पतालों को नैतिक तौर-तरीकों का पालन करना चाहिए और मरीजों को ठगने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक गलत कदम से भारत की साख, कारोबार और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंच सकता है।
गोयल ने कहा कि दुनिया भर में प्रदर्शनियों और प्रस्तुतियों का आयोजन करने, सुविधा केंद्र स्थापित करने और वैश्विक स्तर पर अस्पतालों के साथ समझौते करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भारतीयों और विदेशियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।
विदेशी मरीजों को आकर्षित करने के लिए गोयल ने विभिन्न देशों से आने वाले और अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले मरीजों के लिए दुभाषियों का एक समूह तैयार करने का सुझाव दिया। इससे मरीजों का भरोसा बढ़ेगा और उनके तथा चिकित्सा व्यवस्था के बीच संवाद आसान होगा।
गोयल ने कहा, ‘‘पिछले सात वर्षों में भारत के चिकित्सा मूल्य पर्यटन से जुड़े तंत्र से 35 लाख मरीज लाभान्वित हुए हैं। देश का लक्ष्य हर साल एक करोड़ मरीजों को सेवाएं देने का होना चाहिए।’’
भाषा
योगेश अजय
अजय

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