नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) शराब कंपनियों यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (यूएसएल) और एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज ने उत्पादों में प्राकृतिक स्वाद (फ्लेवर) मिलाने के आरोप में खाद्य नियामक एफएसएसएआई की तरफ से जारी नोटिस को क्रमशः बंबई उच्च न्यायालय और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इन दोनों शराब विनिर्माता कंपनियों को अपने उत्पादों में प्राकृतिक स्वाद शामिल करने के आरोप में हाल ही में नोटिस जारी किया है।
ब्रिटिश कंपनी डियाजियो पीएलसी की इकाई यूएसएल ने इस नोटिस के खिलाफ केंद्र सरकार और एफएसएसएआई के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की है।
वहीं, एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज ने 31 जुलाई को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिस पर इंदौर पीठ सुनवाई करेगी।
यूएसएल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा है कि उसने 29 जून, 2026 के एफएसएसएआई आदेश को चुनौती दी है, जो बारामती संयंत्र में निर्मित एक उत्पाद की बिक्री और उसकी लेबलिंग से संबंधित है। कंपनी का कहना है कि उसके उत्पाद लेबल मौजूदा कानूनों एवं नियमों के अनुरूप हैं और उद्योग प्रथाओं का पालन करते हैं।
इस बीच, उद्योग संगठनों सीआईएबीसी और आईएसडब्ल्यूएआई ने भी इस मुद्दे को एफएसएसएआई के समक्ष उठाया है।
एफएसएसएआई ने हाल में यूनाइटेड स्पिरिट्स और इनब्रू बेवरेजेज की कई इकाइयों को नोटिस जारी किए थे। उसका कहना था कि ये इकाइयां अपने उत्पादों में ऐसे फ्लेवर मिला रही थीं जो उत्पाद के प्राकृतिक स्वाद की नकल करते हैं। हालांकि, उसने स्पष्ट किया कि फ्लेवर देने वाले पदार्थों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है।
इसके पहले 10 जुलाई को भी खाद्य नियामक ने शराब विनिर्माताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक (मदिरा पेय) विनियम, 2018 के कथित उल्लंघन, जैसे अनुमति के बगैर फ्लेवर का उपयोग और आयु संबंधी दावों के अनुपालन में कमी को लेकर नोटिस जारी किए थे।
एफएसएसएआई ने रविवार को कहा था कि यूएसएल की बारामती और मध्य प्रदेश स्थित इकाइयों के अलावा इनब्रू बेवरेजेज और एसोसिएटेड अल्कोहल एंड ब्रुअरीज की कुछ इकाइयों को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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