मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अदाणी फिर बने सबसे अमीर भारतीय: हुरुन
मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अदाणी फिर बने सबसे अमीर भारतीय: हुरुन
नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) गौतम अदाणी एवं परिवार ने मुकेश अंबानी एवं परिवार को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। एम3एम हुरुन इंडिया की नवीनतम सूची में यह जानकारी दी गई है।
अमीर भारतीयों पर जारी 2026 की सूची के मुताबिक, अदाणी परिवार की संपत्ति 13 प्रतिशत बढ़कर 9.23 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जबकि अंबानी परिवार की संपत्ति 10 प्रतिशत घटकर 8.63 लाख करोड़ रुपये रह गई है। इस तरह दोनों अमीर परिवारों के बीच संपत्ति का अंतर 59,400 करोड़ रुपये रहा।
इस्पात उद्यमी लक्ष्मी निवास मित्तल और परिवार 93 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3.39 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए। हुरुन के अनुसार, यूरोप में इस्पात की ऊंची कीमतों और व्यापार संरक्षण से उनकी संपत्ति में बढ़ोतरी हुई।
सीरम इंस्टिट्यूट के साइरस पूनावाला और परिवार 3.03 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ चौथे स्थान पर रहे। एचसीएल की रोशनी नादर मल्होत्रा और परिवार 2.79 लाख करोड़ रुपये के साथ पांचवें स्थान पर रहा और वह देश की सबसे अमीर महिला बनी रहीं।
कुमार मंगलम बिड़ला और परिवार 2.69 लाख करोड़ रुपये के साथ छठे, सन फार्मा के दिलीप सांघवी 2.65 लाख करोड़ रुपये के साथ सातवें और विप्रो के अजीम प्रेमजी और परिवार 2.63 लाख करोड़ रुपये के साथ आठवें स्थान पर रहे।
वेदांता के अनिल अग्रवाल और परिवार 2.08 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ नौवें स्थान पर पहुंच गए, जबकि टोरेंट फार्मास्युटिकल्स से जुड़े समीर मेहता और परिवार 1.89 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ पहली बार शीर्ष 10 में शामिल हुए।
हुरुन ने कहा, ‘‘पिछले पांच साल में गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी परिवार ने कई बार शीर्ष स्थान बदला है। अदाणी परिवार 2022 में शीर्ष पर रहा, 2023 में दूसरे स्थान पर खिसका, 2024 में फिर पहले स्थान पर पहुंचा, 2025 में दूसरे स्थान पर रहा और अब 2026 में फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।’’
सूची के मुताबिक, अदाणी परिवार की संपत्ति 2024 में 11.62 लाख करोड़ रुपये के शिखर पर पहुंची थी, जो 2025 में घटकर 8.15 लाख करोड़ रुपये रह गई लेकिन अब बढ़कर 9.23 लाख करोड़ रुपये हो गई है। वहीं, अंबानी परिवार की संपत्ति 2017 के 2.58 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 10.15 लाख करोड़ रुपये हुई, लेकिन इसके बाद लगातार दो वर्षों में घटकर 8.63 लाख करोड़ रुपये रह गई।
भारत में कम-से-कम 1,000 करोड़ रुपये की संपत्ति वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,810 हो गई है, जो एक साल पहले की तुलना में 128 अधिक है। इन धनवान भारतीयों की कुल संपत्ति 12.8 प्रतिशत बढ़कर 187.5 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो करीब 1.96 लाख करोड़ डॉलर के बराबर है।
हुरुन के मुताबिक, देश में डॉलर के हिसाब से अरबपतियों की संख्या साल भर में 27 बढ़कर रिकॉर्ड 391 हो गई है। पांच साल पहले यह संख्या 237 थी।
इस सूची में पहली बार कृत्रिम मेधा (एआई) को अलग क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। इस क्षेत्र से 19 लोग सूची में शामिल हुए, जिनकी कुल संपत्ति 3.07 लाख करोड़ रुपये है। बेंगलुरु की क्यूपीआईएआई के संस्थापक नागेंद्र नागराजा 1,700 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सूची में शामिल होने वाले पहले क्वांटम कंप्यूटिंग उद्यमी बने।
सूची में उद्यमियों की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है। कुल 1,266 लोग खुद के दम पर संपत्ति बनाने वाले हैं, जबकि पांच साल पहले यह अनुपात 55 प्रतिशत था। औद्योगिक उत्पाद क्षेत्र से सबसे अधिक 166 लोग सूची में शामिल हुए। इसके बाद रसायन क्षेत्र से 142 और दवा क्षेत्र से 136 लोग शामिल हैं।
मुंबई 465 अरबपतियों के साथ देश में संपत्ति का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। इसके बाद नयी दिल्ली में 236 और बेंगलुरु में 129 लोग सूची में मौजूद हैं। महिलाओं की संख्या 131 रही, जिनमें 33 डॉलर अरबपति हैं। रोशनी नादर मल्होत्रा और परिवार 2.79 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ देश की सबसे अमीर महिला बनी हुई हैं।
इस सूची में भारत से बाहर रहने वाले 156 लोग भी शामिल हैं, जिनमें 90 अमेरिका और 31 संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहते हैं।
क्यूपिड के आदित्य कुमार हलवासिया की संपत्ति में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। उनकी संपत्ति 859 प्रतिशत उछलकर 18,800 करोड़ रुपये हो गई। जेप्टो के सह-संस्थापक कैवल्य वोहरा महज 23 साल की उम्र के साथ सूची में शामिल सबसे युवा व्यक्ति रहे। उनके सह-संस्थापक आदित पलिचा (24) दूसरे सबसे कम उम्र के व्यक्ति रहे।
हुरुन ने कहा कि 2026 की रैंकिंग में शामिल अवधि के दौरान सूचीबद्ध कंपनियों से जुड़ी संपत्ति में प्रतिदिन औसतन 5,833 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

Facebook


