सार्वजनिक पूंजीगत व्यय का आवंटन एक दशक पहले के दो लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अब 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह वृद्धि निजी क्षेत्र के लिए एक संकेत है कि उद्योग एवं वित्तीय क्षेत्र को नई ऊर्जा के साथ आगे आना होगा : प्रधानमंत्री मोदी ।
भाषा निहारिका
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