ई-कॉमर्स मंचों से बढ़ाई जा सकती है हथकरघा उत्पादों की वैश्विक पहुंचः राष्ट्रपति

ई-कॉमर्स मंचों से बढ़ाई जा सकती है हथकरघा उत्पादों की वैश्विक पहुंचः राष्ट्रपति

ई-कॉमर्स मंचों से बढ़ाई जा सकती है हथकरघा उत्पादों की वैश्विक पहुंचः राष्ट्रपति
Modified Date: August 7, 2026 / 06:02 pm IST
Published Date: August 7, 2026 6:02 pm IST

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि देश का हथकरघा क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करता है और ई-कॉमर्स मंचों के माध्यम से इसके उत्पादों की वैश्विक पहुंच को और बढ़ाया जा सकता है।

राष्ट्रपति ने ’12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में लगभग 35 लाख लोग कार्यरत हैं, जिनमें 25 लाख से अधिक महिलाएं हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह क्षेत्र देश के समावेशी विकास और आत्मनिर्भरता की एक मजबूत नींव के रूप में काम करेगा।

मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित समारोह में ‘संत कबीर हथकरघा पुरस्कार’ और ‘राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार 2025’ भी प्रदान किए।

राष्ट्रपति ने कहा कि इस क्षेत्र के टिकाऊ विकास के लिए नई प्रौद्योगिकियों का समुचित उपयोग आवश्यक है। आधुनिक डिजिटल समाधानों के जरिए बाजार तक पहुंच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘इसके साथ ही, ई-कॉमर्स मंचों के माध्यम से भारतीय हथकरघा उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया जा सकता है।’

मुर्मू ने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार से लैस कई प्रतिभाशाली युवा उद्यमी इस क्षेत्र में आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और संस्थानों के माध्यम से युवाओं को सक्रिय सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि उनका उत्साह और कौशल इस क्षेत्र की दीर्घकालिक और बहुआयामी सफलता सुनिश्चित कर सके।

राष्ट्रपति ने कहा कि युवा उद्यमी, डिजाइनर और स्टार्टअप पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक रुझानों, ब्रांड और वैश्विक मूल्य शृंखलाओं से जोड़कर नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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