सोने के बदले कर्ज दो साल में दोगुना होकर 15.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाः रिपोर्ट

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सोने के बदले कर्ज दो साल में दोगुना होकर 15.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाः रिपोर्ट

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  • Publish Date - January 28, 2026 / 06:38 PM IST,
    Updated On - January 28, 2026 / 06:38 PM IST

मुंबई, 28 जनवरी (भाषा) सोने की कीमतों में तेज उछाल के बीच सुरक्षित माने जाने वाले इस खंड में बैंकों और अन्य कर्जदाताओं की दिलचस्पी बढ़ने से देश में सोने के आभूषण के बदले कर्ज दो साल में करीब दोगुना होकर नवंबर 2025 तक 15.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

क्रिफ हाई मार्क की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2025 तक के एक साल में ‘सोने के बदले कर्ज’ (गोल्ड लोन) में 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे पहले नवंबर 2024 तक के वर्ष में इसमें 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।

इस वजह से नवंबर 2023 में 7.9 लाख करोड़ रुपये पर रहा कुल गोल्ड लोन पोर्टफोलियो दो साल में बढ़कर 15.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोने के बदले कर्ज को लेकर बढ़ते भरोसे के कारण खुदरा कर्ज के कुल पोर्टफोलियो में इसकी हिस्सेदारी भी बढ़ी है। नवंबर 2025 के अंत तक कुल खुदरा ऋण में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी बढ़कर 9.7 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 8.1 प्रतिशत थी।

क्रिफ हाई मार्क ने कहा कि ऋण पोर्टफोलियो में यह तेज बढ़ोतरी सोने की ऊंची कीमतों और मजबूत गारंटी की वजह से हो रही है। सोने की कीमतों में आई तेजी से कर्ज लेने वालों की पात्रता बढ़ने से कर्ज की राशि भी ज्यादा हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सक्रिय गोल्ड लोन खातों की संख्या में वृद्धि अपेक्षाकृत सीमित रही और इसमें 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि 2.5 लाख रुपये से अधिक के कर्ज अब कुल पोर्टफोलियो का लगभग आधा हिस्सा बन चुके हैं जबकि मार्च 2023 में इनकी हिस्सेदारी 36.4 प्रतिशत थी।

विश्लेषण में पाया गया कि कुल गोल्ड लोन में 56 प्रतिशत से अधिक कर्ज पुरुष उधारकर्ताओं ने लिए। हालांकि कर्ज चुकाने के मामले में महिला कर्जदारों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है।

बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से गोल्ड लोन में सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों का दबदबा बना हुआ है और इस कारोबार में उनकी हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है। वहीं, गोल्ड लोन पर केंद्रित गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की हिस्सेदारी 8.1 प्रतिशत रही।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण