Ajit Pawar Plane Crash/Image Source: Uddhav Thackeray
मुंबई: Ajit Pawar Plane Crash: शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बुधवार को एक विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत पर शोक जताया और कहा कि राकांपा प्रमुख ने भले ही राजनीति में अलग रास्ता चुन लिया था, लेकिन उन्होंने आपसी रिश्तों को कभी खराब नहीं होने दिया।
उद्धव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पवार की मौत से उन्होंने एक दृढ़ नेता और उत्कृष्ट पूर्व कैबिनेट सहयोगी खो दिया है। उन्होंने लिखा कि वित्त मंत्री के रूप में पवार एक बेहद अनुशासित नेता थे, जिनकी अपने विभाग पर मजबूत पकड़ थी। पवार ने महाराष्ट्र में 2019 से 2022 तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं दी थीं।
एक खंबीर नेता व माझ्या मंत्रिमंडळातील मी उमदा सहकारी गमावला!
मी मुख्यमंत्री असताना अजित पवार हे उपमुख्यमंत्री, अर्थमंत्री होते. अत्यंत शिस्तप्रिय, आपल्या खात्यावर वचक व अर्थ विभागाचा अभ्यास असणारे ते नेते होते. एक उत्तम सहकारी म्हणून त्यांचे माझे विशेष नाते जमले. अजित पवार हे…
— Office of Uddhav Thackeray (@OfficeofUT) January 28, 2026
Ajit Pawar Plane Crash: हालांकि, वह 2023 में एमवीए से अलग हो गए थे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए थे, जिससे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) दो हिस्सों में बंट गई थी। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख ने कहा, “सहयोगी होने के नाते हमारे बीच एक खास रिश्ता बन गया था। अजित पवार खुले दिल के थे। वह बेबाक राय रखते थे। वह किसी से लंबे समय तक बैर नहीं रखते थे। अजित पवार ने भले ही राजनीति में अलग राह चुनी, लेकिन उन्होंने हमारे रिश्ते को टूटने नहीं दिया।”
अजित दादांची बातमी ही धक्कादायक आहे! शब्दच नाहीत.
दादांसोबत गेले ५–६ वर्षं काम करण्याची संधी मिळाली… पहिलं सरकारमध्ये आणि नंतर काही दिवस विरोधी पक्षात. त्यांची विधिमंडळ कारभारावर असलेली रुबाबदार पकड आणि प्रेमळ स्वभाव हा आमच्यासारख्या अनेकांना आवडायचा. मी हे विरोधी पक्षात असताना…
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) January 28, 2026
Ajit Pawar Plane Crash: उद्धव ने ठाकरे परिवार और शिवसेना (उबाठा) की ओर से अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अजित पवार एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते थे, जो अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को महत्व देते थे और वह वास्तव में एक ‘दादा’ थे। उद्धव के बेटे और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने पवार की मौत को स्तब्ध करने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा, “मेरे पास अपनी भावनाएं जाहिर करने के लिए शब्द नहीं हैं।” आदित्य ने कहा, “मुझे अजित पवार के साथ पांच-छह साल काम करने का मौका मिला, पहले सरकार में और फिर विपक्ष में। विधायी मामलों पर उनकी मजबूत पकड़ और उनके स्नेही स्वभाव ने मेरे जैसे कई लोगों का दिल जीत लिया। विपक्ष में रहते हुए भी मैंने सार्वजनिक रूप से कई बार यह बात कही थी।”