सरकार ने औषधि क्षेत्र के लिए कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ायी

सरकार ने औषधि क्षेत्र के लिए कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ायी

सरकार ने औषधि क्षेत्र के लिए कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ायी
Modified Date: April 9, 2026 / 08:54 pm IST
Published Date: April 9, 2026 8:54 pm IST

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) सरकार ने आवश्यक दवाओं का निर्बाध उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए दवा उद्योग को महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन कच्चे माल की आपूर्ति बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के बीच यह कदम उठाया गया है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष से पहले, दवा उद्योग अपने अधिकांश पेट्रोरसायन कच्चे माल का आयात करता था, जो अधिकतर गुजरात के कांडला में पहुंचता था। वहीं से यह कच्चा माल कारखानों तक पहुंचता था। हालांकि, युद्ध के कारण इन उत्पादों का आयात बाधित हुआ है। इसकी जगह अब भारतीय रिफाइनरी कंपनियां उत्पादन लाइन में बदलाव करके दवा क्षेत्र को विशेष कच्चे माल उपलब्ध करा रही हैं।

औषधि विभाग के संयुक्त सचिव सत्यप्रकाश टीएल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रोपलीन, अमोनिया और मेथनॉल जैसे प्रमुख कच्चे माल का आनुपातिक आधार पर आवंटन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण कच्चे माल, प्रोपलीन की आपूर्ति भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. सहित घरेलू रिफाइनरी कर रही हैं और इसका उपयोग आइबुप्रोफेन जैसी दवाओं के लिए आइसोप्रोपिल अल्कोहल और आइसोब्यूटाइल बेंजीन जैसे मध्यवर्ती पदार्थों के उत्पादन में किया जाता है।

उर्वरक क्षेत्र से अमोनिया की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है, जबकि मेथनॉल की उपलब्धता असम पेट्रोकेमिकल्स और गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स के उत्पादन के जरिये की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कच्चे माल की लागत को कम करने के लिए सरकार ने एक अप्रैल की अधिसूचना के माध्यम से 40 पेट्रोरसायन उत्पादों पर सीमा शुल्क हटा दिया है।

सॉल्वेंट्स और औषधि में उपयोग होने वाले प्रमुख कच्चे माल की वैश्विक आपूर्ति में बाधाओं के बावजूद, घरेलू दवाओं की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि मेटफॉर्मिन और एस्पिरिन जैसी दवाओं में प्रयुक्त मध्यवर्ती पदार्थों की उपलब्धता पर कड़ी नजर रखी जा रही है। साथ ही मॉर्फोलिन जैसे कच्चे माल पदार्थों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इनकी आपूर्ति बढ़ाने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण मानदंडों में अस्थायी रूप से ढील दी गई है।

पैकेजिंग में उपयोग होने वाले एल्युमीनियम की कमी दूर हो रही है और एक सप्ताह के भीतर सामान्य होने की उम्मीद है, जबकि उत्पादन प्रक्रियाओं में उपयोग होने वाले एलपीजी और हाई-स्पीड डीजल की आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है।

सरकार ने कहा कि वह आवश्यक और जीवन रक्षक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मामला-दर-मामला आधार पर महत्वपूर्ण कच्चे माल पदार्थों की आपूर्ति को सुगम बनाना जारी रखेगी।

भाषा रमण अजय

अजय


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