विमान में खतरनाक वस्तुओं को ले जाने के नए नियम सरकार ने अधिसूचित किए

Ads

विमान में खतरनाक वस्तुओं को ले जाने के नए नियम सरकार ने अधिसूचित किए

  •  
  • Publish Date - February 27, 2026 / 05:19 PM IST,
    Updated On - February 27, 2026 / 05:19 PM IST

मुंबई/नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) नागर विमानन मंत्रालय ने विमान में खतरनाक वस्तुओं को ले जाने के बारे में संशोधित नियम अधिसूचित कर दिए हैं। इनमें ऐसी वस्तुओं की साज-संभाल के लिए प्रमाणन-आधारित और जवाबदेही-आधारित व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

खतरनाक वस्तुओं से आशय उन वस्तुओं या पदार्थों से है जो स्वास्थ्य, सुरक्षा, संपत्ति या पर्यावरण के लिए जोखिम उत्पन्न कर सकते हैं।

नियमों में खतरनाक वस्तु की आवाजाही की जानकारी देने संबंधी ढांचे को कड़ा किया गया है। ये नियम अघोषित या गलत जानकारी देकर खतरनाक वस्तुओं को विमान में लेकर जाने से जुड़े हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को इन वस्तुओं के प्रबंधन में चूक के मामलों में जांच के आदेश देने का अधिकार मिला है।

‘विमान (खतरनाक वस्तुओं का परिवहन) नियम, 2026’ को हितधारकों से परामर्श के बाद 17 फरवरी को अधिसूचित किया गया।

विमानन उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि खतरनाक वस्तुओं के परिवहन से संबंधित 2003 के नियम पूर्ववर्ती विमान अधिनियम के तहत बनाए गए थे और मुख्यतः अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन के मानकों के अनुरूप परिचालन अनुपालन विनियमों के रूप में कार्य करते थे।

इस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि नए नियम समग्र दृष्टिकोण को अनुपालन-उन्मुख ढांचे से हटाकर प्रमाणन-आधारित और जवाबदेही-आधारित व्यवस्था की ओर ले जाते हैं। इसमें सुस्पष्ट निगरानी चक्र, औपचारिक स्वीकृतियां तथा व्यवस्थित प्रवर्तन शक्तियां शामिल हैं।

अन्य प्रावधानों के तहत भारतीय एयरलाइंस को खतरनाक वस्तुओं के परिवहन के लिए डीजीसीए से प्रमाणन लेना जरूरी होगा। साथ ही, विदेशी विमानन कंपनियों को भारत से और भारत के लिए खतरनाक वस्तु ले जाने के लिए पूर्व-अनुमति लेनी होगी।

नियमों के मुताबिक, ‘‘ कोई भी प्रेषक या उसका एजेंट हवाई परिवहन के लिए किसी भी खतरनाक वस्तु के पैकेज या ‘ओवरपैक’ की पेशकश तब तक नहीं करेगा जब तक यह सुनिश्चित न कर ले कि ऐसी खतरनाक वस्तुएं हवाई परिवहन के लिए निषिद्ध नहीं हैं और उन्हें तकनीकी निर्देशों में निर्दिष्ट शर्तों के अनुरूप सही ढंग से चिह्नित, वर्गीकृत, पैक और लेबल नहीं किया गया है।’’

‘ओवरपैक’ में किसी प्रेषक कंपनी द्वारा एक या अधिक पैकेज को एक साथ रखा जाता है, ताकि उन्हें संभाल पाना और रखना आसान हो।

भाषा निहारिका प्रेम

प्रेम