सरकार ने भंडारण-आधारित ई-कॉमर्स निर्यात के लिए प्रक्रिया अधिसूचित की

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सरकार ने भंडारण-आधारित ई-कॉमर्स निर्यात के लिए प्रक्रिया अधिसूचित की

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 04:15 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 04:15 PM IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) सरकार ने ऑनलाइन कंपनियों के लिए भंडारण आधारित सीमा पार ई-कॉमर्स निर्यात संबंधी नियम अधिसूचित कर दिए हैं।

अधिसूचना के अनुसार, नए नियमों के तहत ऐसी कंपनियां सिर्फ पक्के निर्यात ऑर्डर के आधार पर ही सामान खरीद सकेंगी और निर्यात के लिए अनुमान के आधार पर अग्रिम भंडारण की अनुमति नहीं होगी।

सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) वाली ई-कॉमर्स कंपनियों को केवल निर्यात के उद्देश्य से भंडारण रखने की अनुमति 23 जुलाई को दी थी।

इस व्यवस्था के तहत केवल भारत में निर्मित या उत्पादित वस्तुओं का ही निर्यात किया जा सकेगा।

निर्णय के क्रियान्वयन के लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियों को ऑनलाइन माध्यम से केवल निर्यात के लिए माल का भंडारण करने के मकसद से सरकार के साथ ‘एक्सपोर्टर-ऑन-रिकॉर्ड’ (ईओआर) के रूप में पंजीकरण कराना होगा।

अधिसूचना के अनुसार, पात्र ई-कॉमर्स कंपनियां पंजीकृत ईओआर के माध्यम से केवल निर्यात के लिए भंडारण आधारित परिचालन कर सकेंगी। ईओआर पुष्टि किए गए विदेशी ऑर्डर के आधार पर भारतीय ‘सेलर-ऑन-रिकॉर्ड’ (एसओआर) से भारत में निर्मित वस्तुओं की खरीद कर सकेंगे।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि पंजीकृत ईओआर के माध्यम से भारतीय विक्रेता विदेशी बाजारों तक पहुंच बना सकेंगे, जबकि निर्यात दस्तावेज, सीमा शुल्क औपचारिकताएं, गंतव्य देश के नियामकीय अनुपालन, उत्पाद परीक्षण एवं प्रमाणन, पैकेजिंग, लेबल, आपूर्ति, लॉजिस्टिक और रिवर्स लॉजिस्टिक जैसी जिम्मेदारियां ईओआर निभाएगा।

अधिसूचना के अनुसार, ईओआर वह इकाई होगी जिसके पास वैध आयात-निर्यात कोड (आईईसी) और माल एवं सेवा कर पहचान संख्या (जीएसटीआईएन) होगी तथा जो डीजीएफटी के साथ इस ढांचे के तहत पंजीकृत होगी। वह निर्यात के उद्देश्य से एक या अधिक भारतीय विक्रेताओं से सामान खरीद सकेगी।

अधिसूचना में कहा गया, ‘‘ऐसे परिचालन के लिए अलग कानूनी इकाई गठित करनी होगी। ईओआर के रूप में पंजीकरण या संशोधन के समय संबंधित इकाई को अपनी शेयरधारिता संरचना तथा ई-कॉमर्स कंपनी के साथ स्वामित्व या नियंत्रण संबंधी जानकारी देनी होगी।’’

नियमों के तहत भारतीय विक्रेता केवल पक्के निर्यात ऑर्डर के आधार पर भारत में निर्मित वस्तुएं ईओआर को उपलब्ध कराएंगे और वस्तुओं की मूल उत्पत्ति सुनिश्चित करने तथा उसकी घोषणा करने की जिम्मेदारी उनकी होगी।

भाषा यासिर अजय

अजय