Ban on Sugar Exports: विदेशों को शक्कर भेजे जानें पर रोक.. DGFT ने एक्सपोर्ट का लगाया प्रतिबन्ध, इतने महीनो तक बरक़रार रहेगा सरकार का फैसला, जानें वजह

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Government of India Ban on Sugar Exports: केंद्र सरकार ने घरेलू उपलब्धता और कीमत नियंत्रण के लिए सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगाया।

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 04:47 PM IST

Government of India Ban on Sugar Exports || Image- AI Generated File

नई दिल्ली: घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक प्रतिबंध लगा दिया है। (Government of India Ban on Sugar Exports) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर चीनी की निर्यात नीति को “प्रतिबंधित” से बदलकर “निषिद्ध” कर दिया।

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कृषि उत्पादन पर असर को लेकर लगातार निगरानी

यह आदेश कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी पर लागू होगा, जो आईटीसी (HS) कोड 1701 14 90 और 1701 99 90 के अंतर्गत आती हैं। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब खाद्य महंगाई, घरेलू आपूर्ति और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण कृषि उत्पादन पर असर को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

हालांकि सरकार ने कुछ विशेष श्रेणियों को छूट भी दी है। यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका को CXL तथा TRQ कोटा व्यवस्था के तहत चीनी निर्यात जारी रहेगा। इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (AAS) के अंतर्गत होने वाले निर्यात भी मौजूदा विदेशी व्यापार नीति के अनुसार अनुमत रहेंगे। (Government of India Ban on Sugar Exports) सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य देशों की खाद्य सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए सरकार-से-सरकार (G2G) आधार पर निर्यात की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए भारत सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी।

इन पर नहीं लागू होगा प्रतिबंध

अधिसूचना में कहा गया है कि जिन खेपों की लोडिंग पहले ही शुरू हो चुकी है, जिनके शिपिंग बिल दाखिल हो चुके हैं या जिन्हें बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा जहाज आवंटित किया जा चुका है, उन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

सरकार ने यह भी कहा कि यदि 30 सितंबर 2026 के बाद प्रतिबंध नहीं बढ़ाया गया, तो चीनी की निर्यात नीति फिर से “निषिद्ध” से बदलकर “प्रतिबंधित” श्रेणी में आ जाएगी। यह अधिसूचना डीजीएफटी महानिदेशक लव अग्रवाल के हस्ताक्षर से जारी की गई है।

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