भारत को भरोसेमंद चिप विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए सरकार सभी कदम उठा रही : प्रधानमंत्री मोदी

भारत को भरोसेमंद चिप विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए सरकार सभी कदम उठा रही : प्रधानमंत्री मोदी

भारत को भरोसेमंद चिप विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए सरकार सभी कदम उठा रही : प्रधानमंत्री मोदी
Modified Date: September 17, 2026 / 12:31 pm IST
Published Date: September 17, 2026 12:31 pm IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को भारत को वैश्विक चिप विनिर्माण के लिए भरोसेमंद गंतव्य के रूप में पेश करते हुए कहा कि सरकार अनुकूल नीतियों और रूपरेखाओं के जरिये उद्योग की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठा रही है।

‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर परिवेश तेजी से बढ़ रहा है जिससे नवाचार, निवेश और वृद्धि के नए अवसर खुल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया को चिप विनिर्माण के लिए नए और भरोसेमंद ठिकानों की जरूरत है और भारत इसके लिए खुद को तैयार कर रहा है। भारत सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए पसंदीदा गंतव्य बनने की दिशा में सभी कदम उठा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक चिप विनिर्माण की 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है और अगले चरण में इनकी संख्या और बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का परिव्यय पहले चरण के आठ अरब डॉलर से बढ़ाकर 13.5 अरब डॉलर कर दिया गया है।

मोदी ने कहा, ‘‘चाहे नीतियां हों, नियामकीय रूपरेखा हो…आप (विनिर्माताओं) की सफलता के लिए जो भी जरूरी है, उसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार सभी प्रयास कर रही है।’’

उन्होंने पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर और जापान की रेटिंग एजेंसी जेसीआरए द्वारा भारत की रेटिंग बढ़ाए जाने का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है।

भारत एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर परिवेश तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत चिप डिजाइन और असेंबली से आगे बढ़कर चिप विनिर्माण, उन्नत पैकेजिंग, उपकरण, सामग्री, अनुसंधान और प्रतिभा के क्षेत्रों का विस्तार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को मजबूत करना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम करना है।

भारत को उम्मीद है कि सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं को कुछ सीमित विनिर्माण केंद्रों से हटाकर उनमें विविधता लाने की वैश्विक कोशिश से देश को चिप तथा इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।

अरबों डॉलर के प्रोत्साहन के सहारे नयी दिल्ली वैश्विक विनिर्माताओं को आकर्षित कर रही है और पूर्ण क्षमता वाली ऐसी औद्योगिक व्यवस्था तैयार करने के लिए देश की इंजीनियरिंग प्रतिभा, विशाल उपभोक्ता बाजार तथा रणनीतिक स्थिति का लाभ उठा रही है जिसमें चिप डिजाइन, विनिर्माण, पैकेजिंग और परीक्षण शामिल होंगे।

इस बीच, एप्लाइड मैटेरियल्स ने ‘विजन 2035’ के तहत भारत के सेमीकंडक्टर परिवेश को वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जोड़ने के लिए पांच अरब डॉलर के निवेश की बृहस्पतिवार को घोषणा की।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में