निर्यात, आयात कारोबार में और गिरावट रोकने के लिये कदम उठाये सरकार: संसदीय समिति

निर्यात, आयात कारोबार में और गिरावट रोकने के लिये कदम उठाये सरकार: संसदीय समिति

निर्यात, आयात कारोबार में और गिरावट रोकने के लिये कदम उठाये सरकार: संसदीय समिति
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: March 17, 2021 4:58 pm IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने वाणिज्य विभाग को निर्यात और महत्वपूर्ण सामानों के आयात कारोबार में और गिरावट आने से रोकने के उपाय करने की सिफारिश की है।समिति ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी तरह का व्यावधान पैदा नहीं हो।

वाणिज्य विभाग संबंधी संसद की स्थायी समिति ने कहा है कि 2020 में निर्यात और आयात दोनों के मामले में तीव्र गिरावट से समिति चिंतित है। वर्ष के दौरान निर्यात में करीब 50 अरब डालर और आयात में 150 अरब के आसपास की गिरावट आई है।

समिति ने कहा है कि कोविड- 19 महामारी फैलने से पहले ही निर्यात में वृद्धि धीमी पड़ चुकी थी और महामारी फ्रैलने के बाद दुनियाभर के देशों में उठाये गये नियंत्रणकारी कदमों से इसमें गिरावट का दौर शुरू हो गया।

संसदीय समिति ने विभाग को सुझाव दिया है कि निर्यात और महत्वपूर्ण वस्तुओं के आयात में आगे और गिरावट को रोकने के लिये जरूरी उपाय किये जाने चाहिये ताकि वआपूर्ति श्रृंखला में कोई व्यावधान न हो।

मुक्त व्यापार समझौतों के मामले में समिति ने कहा है कि प्रतिस्पर्धा भरी दुनिया में जहां अंतरराष्ट्रीय व्यापार में आपसी तालमेल की महत्वपमर्ण भूमिका होती है भारत को अमेरिका और आस्ट्रेलिया जैसे अनुकूल सोच रखने वाले, लोकतांत्रिक और दोस्ताना देशों के साथ और समझौते करने चाहिये।

समिति ने कहा है कि व्यापार प्रक्रियाओं को सुगम बनाकर और आपूर्ति की अड़चनों को दूर करके निर्यात और आयात में वृद्धि को तेज किया जा सकता है। समिति ने कोविड- 19 महामारी के दौरान भारत की व्यापार गतिविधियों के समक्ष आने वाले चुनौतियों और उसे प्रभावित करने वाले मुद्दों का व्यापक अध्ययन करने और उनकी पहचान करने का भी सुझाव दिया है।

समिति ने जहाजरानी परिवहन भाड़ा दरों के उचित और पारदर्शी तरीके से नियमन के लिये एक राष्ट्रीय जहाजरानी नियमकीय संस्थान का गठन करने का भी सलाह दी हे। उसने कहा है कि यह नियामकीय एजेंसी बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) और ट्राई की तर्ज पर बनाई जा सकती है।

भाषा

महाबीर मनोहर

मनोहर


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