शांति का लाभ मिलने से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है : जेएंडके बैंक के सीईओ

शांति का लाभ मिलने से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है : जेएंडके बैंक के सीईओ

शांति का लाभ मिलने से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है : जेएंडके बैंक के सीईओ
Modified Date: July 30, 2026 / 11:15 am IST
Published Date: July 30, 2026 11:15 am IST

(एम. आई. जहांगीर)

श्रीनगर, 30 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताव चटर्जी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति का लाभ मिलने लगा है और केंद्र शासित प्रदेश की अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौट रही है।

चटर्जी ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ विशेष साक्षात्कार में कहा कि पर्यटन स्थलों पर भीड़ बढ़ना अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत है और यह सुधार बुधवार को घोषित बैंक के पहली तिमाही के परिणामों में भी दिखाई देता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे बेहद खुशी है कि पर्यटक फिर लौट आए हैं। यह हमारे बैंक के आंकड़ों में भी दिखाई देता है। पिछले साल पहली तिमाही में हमारे खुदरा कारोबार में करीब 700 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई थी। इस साल यह बढ़कर 1,400 करोड़ रुपये हो गई है, यानी दोगुनी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कह सकता हूं कि जम्मू-कश्मीर बैंक के आंकड़े जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत हैं। मुझे विश्वास है कि अर्थव्यवस्था फिर पटरी पर लौट रही है।’’

जेएंडके बैंक के सीईओ ने कहा कि उन्होंने पिछले वर्ष पहलगाम आतंकवादी हमले का स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा विनाशकारी असर स्वयं देखा।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने वह दौर देखा जब पहलगाम हमला हुआ था। उसके बाद तीन-चार महीने तक जब मैं घर से कार्यालय जाता था तो सभी टैक्सी स्टैंड पूरी तरह खाली रहते थे।’’

सीईओ ने कहा, ‘‘कुछ सप्ताह पहले रात करीब साढ़े 10 बजे मैं डल झील के किनारे से गुजर रहा था और जाम में फंस गया। आमतौर पर जाम में फंसकर लोग परेशान हो जाते हैं लेकिन मैं बेहद खुश था। मुझे इस बात की खुशी थी कि पर्यटक वास्तव में जम्मू-कश्मीर लौट आए हैं।’’

चटर्जी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था अभी तक चरम पर पहुंच पाई है क्योंकि बागवानी फसलों की अभी कटाई नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘वास्तविक तस्वीर तभी सामने आएगी जब बागवानी उत्पाद बाजार में आएंगे और सेब किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। पर्यटन के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सुधार हो रहा है। अर्थव्यवस्था में अभी काफी कुछ किया जा सकता है लेकिन मुझे खुशी है कि इसकी स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में कहीं बेहतर है।’’

जम्मू-कश्मीर में बैंक द्वारा शुरू किए गए कृषि क्षेत्र के विशेष ऋण उत्पादों के प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इनकी मांग तीन गुना बढ़ गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल शुरू किए गए कृषि मियादी ऋण उत्पाद की मांग काफी अच्छी रही। पहले कृषि क्षेत्र में सालाना 700 से 1,000 करोड़ रुपये की वृद्धि होती थी, लेकिन इस बार इसमें 3,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, यानी तीन गुना। इस साल भी यही रुझान लगभग बना हुआ है।’’

सीईओ ने कहा कि लोग तभी कर्ज लेते हैं जब वे धन अर्जित कर रहे हों।

भाषा निहारिका सिम्मी

सिम्मी


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