सरकार सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या शून्य स्तर पर लाने के लिए काम कर रही: गडकरी

सरकार सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या शून्य स्तर पर लाने के लिए काम कर रही: गडकरी

सरकार सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या शून्य स्तर पर लाने के लिए काम कर रही: गडकरी
Modified Date: September 10, 2025 / 09:58 pm IST
Published Date: September 10, 2025 9:58 pm IST

नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या को शून्य स्तर पर लाने के लिए काम कर रही है।

जोमैटो और उबर द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा का मुद्दा केवल सड़क और वाहन इंजीनियरिंग से ही संबंधित नहीं है, बल्कि यह मानवीय व्यवहार से भी जुड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सड़क दुर्घटनाओं को शून्य करने के लिए काम कर रहे हैं और सभी हितधारकों की मदद से हम इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।’’

सरकार का लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या को आधा करना है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 2023 में 4.2 प्रतिशत बढ़कर 4.8 लाख से अधिक हो गई, जिसके परिणामस्वरूप हर घंटे 20 लोगों की मौत हुई।

रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में हर घंटे 55 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।

‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2023’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘देश में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों ने वर्ष 2023 के दौरान कुल 4,80,583 सड़क दुर्घटनाओं की सूचना दी है। इनमें 1,72,890 लोगों की जान गई और 4,62,825 लोग घायल हुए।’’

जोमैटो और उबर ने सड़क सुरक्षा के लिए ‘सड़क सुरक्षा अभियान’ का समर्थन करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ सहयोग किया।

यह घोषणा गडकरी और प्रसिद्ध लेखक, कवि तथा सड़क सुरक्षा अभियान के विचारक प्रसून जोशी ने की, जिनके साथ जोमैटो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आदित्य मंगला और उबर इंडिया एवं दक्षिण एशिया के सुरक्षा संचालन प्रमुख सूरज नायर भी मौजूद थे।

इस पहल के तहत दोनों कंपनियां इस संदेश को अपने मंचों पर एकीकृत कर रही हैं। जोमैटो अपने डिलीवरी पार्टनर ऐप और अपने उपभोक्ता-केंद्रित खाद्य वितरण मंच के माध्यम से सड़क सुरक्षा संदेशों का प्रसार करेगा।

भाषा योगेश रमण

रमण


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