सरकार का फरवरी में संसद में बीज विधेयक पेश करने का लक्ष्य: कृषि सचिव
सरकार का फरवरी में संसद में बीज विधेयक पेश करने का लक्ष्य: कृषि सचिव
नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार ने बजट सत्र के पहले चरण में फरवरी में संसद में बीज विधेयक 2025 पेश करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ हमें बीज विधेयक 2025 के लिए सुझावों सहित 9000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। हम इन पर विचार करेंगे और ‘कैबिनेट नोट’ में इन्हें शामिल करेंगे। हमारा लक्ष्य इस विधेयक को बजट सत्र के पहले चरण में पेश करना है।’’
सचिव ने कहा कि मंत्रालय संसद के अवकाश के बाद कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2020 को पेश करने की योजना बना रहा है।
बीज विधेयक, 1966 के बीज अधिनियम का स्थान लेगा। इसमें गुणवत्ता और पैकेट पर क्यूआर कोड जैसे आधुनिक मानकों के साथ ‘ट्रेसबिलिटी’ सुनिश्चित करने के लिए बीज किस्मों, डीलर और उत्पादकों के लिए अनिवार्य पंजीकरण का प्रावधान है।
इसमें निगरानी के लिए केंद्रीय एवं राज्य बीज समितियों की स्थापना का भी प्रावधान है। साथ ही किसानों को बिना पंजीकरण के कृषि में संरक्षित बीजों को रखने और आदान-प्रदान करने की अनुमति दी गई है।
व्यक्तिगत तौर पर उल्लंघनों के लिए जुर्माना एक लाख रुपये से 30 लाख रुपये तक से लेकर कारावास तक हो सकता है। यह मामले की गंभीरता के आधार पर लगाया जाएगा। इसमें तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
यदि कोई कंपनी अपराध करती है, तो अपराध के समय कंपनी के प्रभारी एवं व्यवसाय संचालन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बीज विधेयक, 2025 के मसौदे पर सार्वजनिक टिप्पणियों देने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2024 थी।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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