सरकार की वाहनों के बीच संचार वाली प्रौद्योगिकी लाने की तैयारी, सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी

सरकार की वाहनों के बीच संचार वाली प्रौद्योगिकी लाने की तैयारी, सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी

सरकार की वाहनों के बीच संचार वाली प्रौद्योगिकी लाने की तैयारी, सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी
Modified Date: January 8, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: January 8, 2026 10:32 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार वाहन-से-वाहन (वी2वी) संचार प्रौद्योगिकी लाने पर काम कर रही है।

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वी2वी संचार प्रौद्योगिकी की मदद से वाहन एक-दूसरे से सीधे संवाद कर सकेंगे, जिससे चालक को आसपास मौजूद अन्य वाहनों की गति, स्थिति, तेजी, ब्रेक लगाने की जानकारी और अचानक नजर न आने वाली जगह में मौजूद वाहनों के बारे में वास्तविक समय पर अलर्ट मिलेगा। इससे चालक समय रहते आवश्यक कदम उठा सकेगा और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।

उन्होंने कहा, ‘इस उद्देश्य से दूरसंचार विभाग के साथ एक संयुक्त कार्यबल का गठन किया गया है। दूरसंचार विभाग ने वी2वी संचार के लिए 30 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम (5.875-5.905 गीगाहर्ट्ज) के उपयोग को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है।’

गडकरी ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, कानूनों को सख्ती से लागू करने और यातायात नियमों के उल्लंघन पर दंड बढ़ाकर सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि देश में हर साल करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग 1.8 लाख लोगों की जान चली जाती है। इनमें से करीब 66 प्रतिशत मौतें 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की होती हैं।

इसके साथ ही गडकरी ने बताया कि सरकार आगामी बजट सत्र में मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित 61 संशोधनों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार, कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देना, नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाना, गतिशीलता में सुधार करना, परिभाषाओं एवं भाषा को सरल बनाना और वैश्विक मानकों के अनुरूप कानूनों को सामंजस्यपूर्ण बनाना है।

इस बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों और आम जनता की सुविधा, कारोबारी सुगमता और वाहनों से संबंधित नियमों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

इसके अलावा बसों, स्लीपर कोचों और यात्री वाहनों के लिए बेहतर सुरक्षा मानकों, बस बॉडी कोड, बीएनसीएपी सुरक्षा रेटिंग और चरणबद्ध तरीके से ‘उन्नत ड्राइवर सहयोग प्रणाली’ (एडीएएस) लागू करने जैसे मुद्दों पर भी विचार किया गया।

बैठक में यातायात उल्लंघनों की निगरानी के लिए अंक-आधारित प्रणाली शुरू करने और एक निश्चित वाहन भार तक के सभी मालवाहक वाहनों के लिए डिजिटल एवं स्वचालित परमिट जारी करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण

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