पेट्रोरसायन उत्पादों पर शुल्क छूट 30 जून के बाद भी बढ़ा सकती है सरकार
पेट्रोरसायन उत्पादों पर शुल्क छूट 30 जून के बाद भी बढ़ा सकती है सरकार
नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) सरकार, पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति और उससे जुड़े राजस्व प्रभावों का आकलन करने के बाद करीब 40 उत्पादों पर आयात शुल्क में दी गई छूट को 30 जून के बाद भी बढ़ाने का निर्णय ले सकती है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
घरेलू उद्योग को आपूर्ति शृंखला में व्यवधान से बचाने के लिए सरकार ने दो अप्रैल से ‘‘ अस्थायी एवं लक्षित राहत’’ के तहत महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर सीमा शुल्क से छूट दी थी।
इसके तहत निर्जल अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर समेत करीब 40 उत्पादों पर सीमा शुल्क ‘शून्य’ कर दिया गया था।
यह छूट 30 जून तक के लिए मान्य है। इसका उद्देश्य प्लास्टिक, पैकेजिंग, वस्त्र, औषधि, रसायन, वाहन कलपुर्जों और अन्य विनिर्माण जैसे पेट्रोरसायन आधारित कच्चे माल तथा मध्यवर्ती उत्पादों पर निर्भर क्षेत्रों को राहत देना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस छूट को आगे बढ़ाने का निर्णय लेते समय इससे जुड़े राजस्व प्रभावों पर भी विचार करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये माल ढुलाई की स्थिति का विश्लेषण करने के बाद निर्णय लिया जाएगा।’’
मेथनॉल, निर्जल अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडीन, स्टाइरीन-ब्यूटाडीन और असंतृप्त पॉलिएस्टर रेजिन उन वस्तुओं में शामिल हैं जिन पर सीमा शुल्क छूट दी गई है।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सीमा शुल्क से 2.71 लाख करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 2.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
पश्चिम एशिया में संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध के कारण कच्चे तेल, खाद्य एवं उर्वरक आयात महंगे हो गए हैं। साथ ही, इस मार्ग से माल ढुलाई में कमी आने से कच्चे माल की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
भाषा निहारिका
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