आईडीबीआई बैंक के लिए दो संभावित खरीदारों से संशोधित वित्तीय बोलियां मांग सकती है सरकार

आईडीबीआई बैंक के लिए दो संभावित खरीदारों से संशोधित वित्तीय बोलियां मांग सकती है सरकार

आईडीबीआई बैंक के लिए दो संभावित खरीदारों से संशोधित वित्तीय बोलियां मांग सकती है सरकार
Modified Date: April 7, 2026 / 05:24 pm IST
Published Date: April 7, 2026 5:24 pm IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) सरकार आईडीबीआई बैंक के दो संभावित खरीदारों से संशोधित वित्तीय बोलियां मांग सकती है क्योंकि उनकी मूल बोली राशि बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए तय आरक्षित मूल्य से कम है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री फिलहाल तकनीकी मूल्यांकन चरण में है।’’

अधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार विनिवेश एवं हिस्सेदारी बेचकर संसाधन जुटाने एवं वैश्विक अनिश्चितता से अर्थव्यवस्था को बचाने के उपायों के लिए राजकोषीय गुंजाइश बनाने पर जोर दे रही है।

आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री तीन वर्ष से अधिक समय से जारी प्रयासों के बाद अंतिम चरण तक पहुंची है और सरकार देरी से बचने के लिए प्रक्रिया को फिर से शुरू नहीं करना चाहती।

सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) मिलकर आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए अक्टूबर, 2022 में रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए गए थे। वहीं छह फरवरी को वित्तीय बोलियां प्राप्त हुईं।

इसके बाद सरकार ने रणनीतिक बिक्री के लिए आरक्षित मूल्य तय किया लेकिन प्राप्त वित्तीय बोलियां वित्त मंत्रालय के सचिवों की अध्यक्षता वाले अंतर-मंत्रालयी विनिवेश समूह द्वारा तय आरक्षित मूल्य से कम रहीं।

इस कारण आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया अस्थायी रूप से अटक गई।

सूत्रों ने बताया कि अब सरकार इस प्रक्रिया को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए फिर से आगे बढ़ा रही है।

प्रेम वत्स के नेतृत्व वाली फेयरफैक्स और एमिरेट्स एनबीडी ने आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के लिए बोलियां लगाई हैं।

फिलहाल सरकार और एलआईसी की आईडीबीआई बैंक में 94.71 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें सरकार की 45.48 प्रतिशत तथा एलआईसी की 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार की 30.48 प्रतिशत और एलआईसी की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है।

सरकार ने जनवरी, 2023 में कहा था कि उसे कई प्रारंभिक बोलियां मिली हैं। इसके बाद इन बोलियों को गृह मंत्रालय (एमएचए) से सुरक्षा मंजूरी तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से उपयुक्तता एवं योग्यता परीक्षण (फिट एंड प्रॉपर) आकलन के लिए भेजा गया।

दोनों मंजूरियां मिलने के बाद चयनित बोलीदाताओं ने बैंक की सभी प्रक्रिया पूरी की और सरकार ने जनवरी में वित्तीय बोलियां आमंत्रित कीं। फरवरी में सरकार ने घोषणा की थी कि उसे आईडीबीआई बैंक के लिए वित्तीय बोलियां प्राप्त हुई हैं।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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