मूंगफली में गिरावट, सरसों स्थिर, बाकी तेल-तिलहन मजबूत

मूंगफली में गिरावट, सरसों स्थिर, बाकी तेल-तिलहन मजबूत

मूंगफली में गिरावट, सरसों स्थिर, बाकी तेल-तिलहन मजबूत
Modified Date: November 9, 2023 / 09:31 pm IST
Published Date: November 9, 2023 9:31 pm IST

नयी दिल्ली, नौ नवंबर (भाषा) देश के तेल-तिलहन बाजारों में बृहस्पतिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतों में मजबूती रही, जबकि मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अच्छी गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं सामान्य कारोबार के बीच सरसों तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

मलेशिया एक्सचेंज में मामूली घट-बढ़ है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात 2.5 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था और फिलहाल यहां एक प्रतिशत से अधिक की तेजी है।

कारोबारी सूत्रों ने कहा कि नयी फसल आने के बीच सस्ते आयातित तेलों के मुकाबले मूंगफली का भाव काफी ऊंचा होने की वजह से खपने की दिक्कत के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में भारी गिरावट आई।

उन्होंने कहा कि पिछले लगभग तीन महीने में मूंगफली के दाम में 50-55 रुपये लीटर की गिरावट आई है और गुजरात के सौराष्ट्र में यह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे ही बिक रहा है। पर खुदरा बाजार में दाम में कितनी कमी आई है, सरकार को इस बारे में ध्यान देना होगा। अगर दिवाली के बाद सरकार के किसी संस्थान के माध्यम से मूंगफली की खरीद की भी जाती है, तो तबतक छोटे, मंझोले किसानों की काफी उपज सस्ते में निपट चुकी होगी और इस बारे में ध्यान देना चाहिये। किसान को एमएसपी से कम दाम मिले, तेल उद्योग को नुकसान हो तो इस गिरावट का फायदा आखिर किसे मिल रहा है ?

सूत्रों ने कहा कि इस बीच सरकार ने 12 नवंबर से सूरजमुखी तेल का वायदा कारोबार शुरू करने की पहल की है जो उचित नहीं है। यह देखना होगा कि इसमें खाद्य तेल कारोबारी ‘हेजिंग’ करेंगे या सट्टेबाजी होगी। लंबे समय से वायदा कारोबार चलते रहने के बावजूद हमारी खाद्य तेल-तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता के बजाय आयात पर निर्भरता ही बढ़ती गई है। वायदा कारोबार शुरू करने के बजाय सरकार को मुख्य रूप से देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाने और उसका बाजार विकसित करने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिये।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से वायदा कारोबार के पक्षधरों की बात सुनी जा रही है, उसी तरह देश के तेल उद्योग और किसानों विशेषकर मौजूदा समय में मूंगफली के किसानों की एमएसपी से नीचे बिक्री करने की स्थिति पर ध्यान देना होगा।

उन्होंने बताया कि दीवाली के मौके पर देश की अधिकांश तेल-तिलहन मंडियां बंद रहेंगी और अब यहां मंगलवार, बुधवार को कारोबार होगा। जबकि वैश्विक कारोबार के साथ देश में छिटपुट कारोबार चलता रहेगा क्योंकि अब तिलहन कारोबार, विदेशी बाजारों के हिसाब से चल रहे हैं।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 5,650-5,700 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,550-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,225-2,510 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,425 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,775 -1,870 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,775 -1,885 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,525 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,825 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,775 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,125 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,300 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,195-5,295 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,995-5,095 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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