आरबीआई अधिकारियों की मानव संसाधन नीतियों की समीक्षा की मांग, पदोन्नति को लेकर जताई चिंता

आरबीआई अधिकारियों की मानव संसाधन नीतियों की समीक्षा की मांग, पदोन्नति को लेकर जताई चिंता

आरबीआई अधिकारियों की मानव संसाधन नीतियों की समीक्षा की मांग, पदोन्नति को लेकर जताई चिंता
Modified Date: August 7, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: August 7, 2026 10:17 pm IST

नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन (आरबीआईओए) ने आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा को पत्र लिखकर हाल में लागू मानव संसाधन नीतियों की तत्काल समीक्षा की मांग की है।

संघ ने कहा नीतियों से अधिकारियों की भविष्य में तरक्की, मनोबल और कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाओं में बुरा असर पड़ा है।

आरबीआईओए ने छह अगस्त को दिए इस ज्ञापन में कहा कि उसके सदस्यों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में बैंक की मानव संसाधन (एचआर) नीतियों को लेकर व्यापक असंतोष पाया गया।

संघ के अनुसार, ग्रेड ए से ग्रेड ई तक के आधे से अधिक अधिकारियों ने इस सर्वेक्षण में भाग लिया।

आरबीआईओए का दावा है कि सर्वेक्षण में शामिल 85 प्रतिशत अधिकारियों को पदोन्नति की उचित संभावना नहीं दिखती। वहीं, 79 प्रतिशत अधिकारियों ने अपना मनोबल कम या बहुत कम बताया। इसके अलावा, 91 प्रतिशत अधिकारियों ने हाल में पदोन्नति नीति में किए गए बदलावों को प्रतिकूल माना, जबकि 65 प्रतिशत अधिकारियों का मानना है कि वे ग्रेड डी या उससे निचले स्तर पर ही सेवानिवृत्त होंगे।

संघ ने कहा कि अधिकारियों ने मनोबल बढ़ाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम के रूप में ‘उचित और समयबद्ध पदोन्नति’ की मांग की है।

मई में जारी पदोन्नति नीति की ज्ञापन में आलोचना करते हुए कहा गया कि इससे भविष्य में होने वाली उन्नति से जुड़ी बाधाओं का पर्याप्त समाधान नहीं हुआ और प्रबंधन के साथ चर्चा के दौरान संगठन द्वारा दिए गए सुझावों को भी इसमें शामिल नहीं किया गया।

आरबीआईओए ने कहा कि वह रिजर्व बैंक प्रबंधन के साथ रचनात्मक संवाद के लिए प्रतिबद्ध है और उसे उम्मीद है कि उठाए गए मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए किया जाएगा।

भाषा यासिर रमण

रमण


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