युवाओं के लिए अमीर-गरीब की बढ़ती असमानता सबसे बड़ी आर्थिक चिंताः डब्ल्यूईएफ सर्वेक्षण

युवाओं के लिए अमीर-गरीब की बढ़ती असमानता सबसे बड़ी आर्थिक चिंताः डब्ल्यूईएफ सर्वेक्षण

युवाओं के लिए अमीर-गरीब की बढ़ती असमानता सबसे बड़ी आर्थिक चिंताः डब्ल्यूईएफ सर्वेक्षण
Modified Date: January 12, 2026 / 04:04 pm IST
Published Date: January 12, 2026 4:04 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) दुनिया भर के युवाओं के लिए अमीर और गरीब के बीच बढ़ती असमानता सबसे बड़ी आर्थिक चिंता बनकर उभरी है और युवाओं की एक बड़ी संख्या केवल आलोचना करने के बजाय खुद राजनीति में भी उतरने को तैयार है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह निष्कर्ष सामने आया है।

डब्ल्यूईएफ की तरफ से सोमवार को जारी रिपोर्ट ‘यूथ पल्स 2026: बदलती दुनिया के लिए अगली पीढ़ी की सोच’ में 48.2 प्रतिशत युवाओं ने अमीर एवं गरीब के बीच बढ़ती असमानता को भविष्य को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा आर्थिक रुझान बताया।

हालांकि, उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया जैसे क्षेत्रों में उद्यमिता को सबसे प्रभावशाली आर्थिक ताकत माना गया है जो नवाचार एवं आत्मनिर्भरता के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

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सर्वेक्षण के मुताबिक, 57 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने वित्तीय चिंताओं को तनाव और चिंता का प्रमुख कारण बताया।

इस रिपोर्ट में 144 देशों और क्षेत्रों के 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के करीब 4,600 युवाओं के विचार शामिल किए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, युवाओं की प्राथमिकताएं व्यावहारिक और नीति-उन्मुख हैं। रोजगार सृजन (57.2 प्रतिशत), सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच (46.1 प्रतिशत) और किफायती आवास एवं वित्तीय स्वतंत्रता (32.2 प्रतिशत) को सबसे सशक्त उपायों के रूप में चिन्हित किया गया।

युवाओं ने सकारात्मक बदलाव लाने में सामुदायिक नेताओं को सबसे प्रभावी बताया जिससे स्थानीय और जवाबदेह नेतृत्व की मांग झलकती है। वहीं, 36 प्रतिशत युवाओं ने कहा कि वे राजनीतिक पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं। यह आंकड़ा युवाओं के राजनीतिक रूप से उदासीन रहने की धारणा को चुनौती देता है।

सर्वेक्षण में जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी वैश्विक चिंता के रूप में सामने आया। इसे 56 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।

प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर दो-तिहाई युवाओं का मानना है कि कृत्रिम मेधा (एआई) से शुरुआती स्तर की नौकरियों पर असर पड़ेगा, हालांकि करीब 60 प्रतिशत युवा नियमित रूप से एआई का इस्तेमाल अपने कौशल बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि इस सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर अगले सप्ताह स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली मंच की सालाना बैठक में व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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