जीआरएसई की अपने कई स्टार्टअप के साथ लाभ-साझाकरण समझौते की योजना
जीआरएसई की अपने कई स्टार्टअप के साथ लाभ-साझाकरण समझौते की योजना
कोलकाता, 12 जुलाई (भाषा) युद्धपोत विनिर्माता गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) अपने कई स्टार्टअप के साथ लाभ-साझाकरण समझौते करने योजना बना रही है।
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली कोलकाता स्थित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने जहाज निर्माण क्षेत्र पर केंद्रित स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अपने अनुसंधान व विकास बजट से एक समर्पित कोष आवंटित किया है।
जीआरएसई के चेयरमैंन एवं प्रबंध निदेशक, भारतीय नौसेना के (सेवानिवृत्त) कमोडोर पी. आर. हरि ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ हमने अपने अनुसंधान व विकास बजट का एक बड़ा हिस्सा कैप्टिव उपयोग के लिए उत्पादों व सेवाओं को विकसित करने में स्टार्टअप को बढ़ावा देने तथा उनका समर्थन करने के लिए निर्धारित किया है। इनका बाद में व्यावसायीकरण किया जा सकता है।’’
इन स्टार्टअप के साथ वाणिज्यिक संबंधों के बारे में हरि ने कहा, ‘‘ अंतिम उत्पाद विकसित हो जाने और वाणिज्यिक सफलता की संभावना दिखने के बाद जीआरएसई इन प्रारंभिक चरण वाली कंपनियों के साथ लाभ-साझाकरण समझौते करेगी।’’
जीआरएसई को शर्तें लचीली होने के बावजूद इन सहयोगों के जरिये सृजित बौद्धिक संपदा से व्यावसायिक रूप से लाभ होने की उम्मीद है।
भाषा निहारिका
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