शह मात The Big Debate: ‘TET’ ने किया नाराज.. नए संग्राम का आगाज! अनिवार्यता के खिलाफ लामबंद शिक्षक, क्या इनकी नाराजगी को समय रहते दूर कर पाएगी सरकार? देखिए ये वीडियो

'TET' ने किया नाराज.. नए संग्राम का आगाज! अनिवार्यता के खिलाफ लामबंद शिक्षक, Madhya Pradesh Teachers Protest Over TET

शह मात The Big Debate: ‘TET’ ने किया नाराज.. नए संग्राम का आगाज! अनिवार्यता के खिलाफ लामबंद शिक्षक, क्या इनकी नाराजगी को समय रहते दूर कर पाएगी सरकार? देखिए ये वीडियो
Modified Date: April 16, 2026 / 11:19 pm IST
Published Date: April 16, 2026 11:19 pm IST

भोपालः Madhya Pradesh Teachers Protest  मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था इस वक्त ऐसे दोराहे पर खड़ी है, जहां एक तरफ़ नियमों की सख्ती है तो दूसरी तरफ सालों का अनुभव लिए खड़े शिक्षक। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के सामने एक ही सवाल खड़ा है। क्या अब अनुभव से बड़ी परीक्षा हो गई है? सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर खुद को मजबूर बता रही है, लेकिन ज़मीनी हकीकत ये है कि टीईटी अब सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि सियासी विस्फोट बन चुकी है।

Madhya Pradesh Teachers Protest  मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी और वरिष्ठता से जुड़े विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। प्रदेशभर के शिक्षकों में गहरी नाराजगी है। शिक्षकों की मांग को लेकर शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाने का आश्वासन पहले दे चुका है, लेकिन रुख साफ नहीं है। दरअसल, टीईटी की अनिवार्यता के चलते – डेढ़ लाख शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे हैं। कई शिक्षकों को अपनी नौकरी पर खतरा मंडराता दिख रहा है। TET की अनिवार्यता के खिलाफ अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की, लेकिन ये बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा कह रहा है कि कई बार आश्वासन मिले, लेकिन सरकार ने कोई हल नहीं निकाला। इसीलिए अब 18 अप्रैल को भोपाल में ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ निकाली जाएगी, धरना-प्रदर्शन होगा।

शिक्षकों के मुद्दे पर सूबे का सियासी पारा हाई है। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि TET शिक्षकों को नौकरी से निकालने का षड्यंत्र है। बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि- कांग्रेस पास कोई मुद्दा नहीं है, सरकार शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है। लेकिन सवाल ये कि TET के मुद्दे पर शिक्षकों के लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष का हल क्या है? सवाल ये कि क्या सरकार, TET के मुद्दे पर शिक्षकों के साथ है? सवाल ये भी कि आखिर शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में क्यों लामबंद हैं?


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।