जीएसटी 2.0 से बीते वित्त वर्ष में घरेलू बाजार में यात्री वाहन बिक्री 47 लाख इकाई के नए शिखर पर

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जीएसटी 2.0 से बीते वित्त वर्ष में घरेलू बाजार में यात्री वाहन बिक्री 47 लाख इकाई के नए शिखर पर

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 06:13 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 06:13 PM IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) भारत में यात्री वाहनों (पीवी) की बिक्री वित्त वर्ष 2025-26 में 47 लाख इकाई के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे वाहन निर्माताओं के शानदार प्रदर्शन और वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ‘जीएसटी 2.0’ के प्रभाव ने बिक्री को रफ्तार देने में मुख्य भूमिका निभाई।

हालांकि, वाहन उद्योग नए वित्त वर्ष में भी इस गति को बनाए रखने की उम्मीद कर रहा है, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की स्थिति पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। इसका उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला में आने वाले संभावित जोखिमों और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण वाहनों के दाम बढ़ने से मांग पर पड़ने वाले असर को कम करना है।

मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यपालक अधिकारी (विपणन एवं बिक्री) पार्थो बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 दो हिस्सों में बंटा रहा। पहली छमाही चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन सितंबर, 2025 में जीएसटी दरों में कटौती के बाद दूसरी छमाही में मांग में जबर्दस्त उछाल आया। इससे उद्योग को लगभग 47 लाख इकाइयों की बिक्री का आंकड़ा छूने में मदद मिली। वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 43.4 लाख इकाई था।

बनर्जी ने बताया कि आयकर में छूट, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में कटौती और जीएसटी 2.0 ने बिक्री बढ़ाने में मदद की है। हालांकि, कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण मारुति सुजुकी सहित अन्य कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं, जिसका असर छोटी कारों जैसे संवेदनशील बाजार पर पड़ सकता है।

मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 24,22,713 इकाइयों की अपनी अब तक की सबसे अधिक वार्षिक बिक्री दर्ज की है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) शैलेश चंद्रा ने कहा, ‘यात्री वाहन उद्योग की बिक्री में सालाना आधार पर आठ प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। जीएसटी 2.0 और त्योहारी सीजन के कारण दूसरी छमाही में दहाई अंक की वृद्धि दर्ज की गई।’

टाटा मोटर्स ने भी 6.4 लाख से अधिक इकाइयों की अपनी सर्वाधिक वार्षिक बिक्री हासिल की है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एसयूवी, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के दम पर यह तेजी जारी रहने की उम्मीद है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी बीते वित्त वर्ष में 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6,60,276 वाहनों की बिक्री की। कंपनी के वाहन खंड के सीईओ नलिनीकांत गोलागुंटा ने इसे मील का पत्थर बताते हुए कहा कि एसयूवी और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के क्षेत्र में कंपनी ने रिकॉर्ड बिक्री दर्ज किया है।

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने वित्त वर्ष 2025-26 में 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,06,081 इकाइयों की बिक्री की जानकारी दी।

हुंदै मोटर इंडिया ने भी जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में 1,66,578 इकाइयों की घरेलू बिक्री के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ तिमाही प्रदर्शन किया।

कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ तरुण गर्ग ने कहा कि वे वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रति सतर्क हैं लेकिन अगले वित्त वर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

किआ इंडिया ने जनवरी-मार्च, 2026 की तिमाही में 84,316 इकाइयों की बिक्री के साथ 11.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि स्कोडा ऑटो इंडिया ने भी इसी अवधि में 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अपनी अब तक की सर्वाधिक तिमाही बिक्री हासिल की।

फोर्स मोटर्स लिमिटेड की कुल बिक्री भी मार्च में 14 प्रतिशत बढ़कर 4,126 इकाई रही। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए कुल 30,531 वाहन बेचे।

कंपनी के अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री वाहनों की मजबूत मांग के साथ-साथ उसके प्रीमियम ब्रांड ‘अर्बानिया’ की बिक्री में 100 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया। इसके अलावा, छोटे शहरों में ‘ट्रैक्स’ मंच के वाहनों की मांग में भी 70 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि देखी गई।

फोर्स मोटर्स के प्रबंध निदेशक प्रसन फिरोदिया ने कहा कि प्रीमियम श्रेणी में साझा सफर की बढ़ती मांग और बेहतर संपर्क सुविधाओं के कारण कंपनी के प्रदर्शन में यह सुधार आया है। हालांकि, खाड़ी देशों को होने वाले निर्यात को देखते हुए कंपनी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक स्थितियों पर भी नजर रख रही है।

भाषा सुमित अजय

अजय