नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि घरेलू दवा निर्यात के लिए तरजीही पहुंच के बदले भारत वैश्विक औषधि क्षेत्र के उच्च गुणवत्ता वाले और नवोन्मेषी उत्पादों के लिए अपना बाजार खोलने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि भारतीय दवा उद्योग का बाजार वर्तमान में 60 अरब डॉलर है। इसके अगले पांच वर्षों में बढ़कर 120 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है।
गोयल ने औषधि निर्यात संवर्धन परिषद के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘बाजार पहुंच के संदर्भ में, हम दुनिया के अन्य हिस्सों के औषधि क्षेत्र के उच्च गुणवत्ता वाले और नवोन्मेषी उत्पादों के लिए अपने दरवाजे खोलने को तैयार हैं, क्योंकि जिन देशों के साथ हमने मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, उनमें हमारे अधिकांश दवा उत्पादों के लिए हमें शून्य प्रतिशत पर या तरजीही बाजार पहुंच प्राप्त हुई है।’’
मंत्री ने वैश्विक दवा कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यहां एक विशाल बाजार और कुशल कार्यबल उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि विकसित देश भी आम आदमी की सेवा करने और नियमित चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय जेनेरिक दवाओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
विभिन्न अनुमानों के अनुसार, अमेरिका में बिकने वाली दवाओं की लगभग 80 से 90 प्रतिशत जेनेरिक दवाएं हैं।
इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीकों की लगभग 65 से 70 प्रतिशत आवश्यकताएं भारत में उत्पादित होती हैं या भारत से प्राप्त की जाती हैं। 25 वैश्विक जेनेरिक कंपनियों में से 10 भारत से संचालित होती हैं।
गोयल ने कहा, ‘‘वास्तव में, हमने जो विश्वास अर्जित किया है, उसी के कारण भारत में हमारे पास दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से की तुलना में यूएसएफडीए (अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन) से अनुमोदित संयंत्रों की संख्या सबसे अधिक है।’’
भाषा रमण अजय
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