गुजरात सरकार का दावा, संकट के बावजूद औद्योगिक इकाइयां चालू
गुजरात सरकार का दावा, संकट के बावजूद औद्योगिक इकाइयां चालू
अहमदाबाद, सात अप्रैल (भाषा) गुजरात के अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बावजूद राज्य का औद्योगिक क्षेत्र काफी हद तक चालू है, हालांकि इसकी क्षमता कम है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि गैस ‘‘पूरी तरह से उपलब्ध’’ है, लेकिन बाज़ार की स्थितियों और आर्थिक लाभप्रदता से जुड़ी दिक्कतों के कारण कुछ अहम क्षेत्रों में काम बंद हुआ है।
मंगलवार को यहां मीडिया को संबोधित करते हुए, अतिरिक्त उद्योग आयुक्त के.सी. संपत और गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम (जीएसपीसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (वाणिज्य और विपणन) दीपेन चौहान ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और रुकावटों को कम करने के लिए कई एजेंसियों के साथ तालमेल बिठा रही है।
संपत ने कहा कि सरकार ने पूरे गुजरात में उद्योगों की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है, जिसके तहत 4.11 लाख से ज़्यादा इकाइयों से संपर्क किया गया है। इनमें से 1,212 उद्योग अभी चालू नहीं हैं, जबकि लगभग 28,517 उद्योग कम क्षमता पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो इकाइयां चालू नहीं हैं, उनमें से कई ईंधन की कमी के बजाय परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी दिक्कतों के कारण आर्थिक लाभप्रदता की चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
सिरेमिक निर्माण के एक बड़े केंद्र, मोरबी के बारे में संपत ने साफ़ किया कि इकाइयों के बंद होने की वजह गैस की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि ज़िले में 2,561 सिरेमिक इकाइयों में से 984 अभी चालू नहीं हैं। हालांकि हो सकता है कि इनमें से कुछ संकट शुरू होने से पहले ही बंद हो गई हों।
चौहान ने भी इसी बात का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य में कहीं भी औद्योगिक गैस की आपूर्ति में अब तक कोई कटौती नहीं की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘गैस पूरी तरह से उपलब्ध है। दिक्कत उपलब्धता की नहीं, बल्कि बाज़ार की उन स्थितियों की है जो कीमतों और मांग को प्रभावित कर रही हैं।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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