नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या शून्य पर लाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए अधिक दुर्घटनाओं वाले 100 जिलों की पहचान कर वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों की संख्या आधी करना है।
‘आईसीआईसीआई लोम्बार्ड’ के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा, ”सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को शून्य पर लाने के लिए काम किया जा रहा है। अधिक दुर्घटनाओं वाले 100 जिलों की पहचान की गई है और दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल सुधार के उपाय किए जा रहे हैं।”
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 5.3 प्रतिशत बढ़कर 5.13 लाख से अधिक हो गई। इन दुर्घटनाओं में 1,83,382 लोगों की मौत हुई, यानी औसतन हर घंटे 21 लोगों की जान गई। इस दौरान देश में हर घंटे औसतन 59 सड़क दुर्घटनाएं हुईं।
गडकरी ने कहा कि वर्ष 2026 की पहली छमाही में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस विभागों ने देशभर में 2,85,770 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें दोपहिया वाहनों से जुड़े मामलों में हुईं। इसके बाद कार, टैक्सी, वैन और अन्य हल्के मोटर वाहनों तथा ट्रकों का स्थान रहा।
गडकरी ने कहा कि यदि दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनना सुनिश्चित करें तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि सड़क उपयोगकर्ताओं की श्रेणी में कुल मौतों में दोपहिया वाहन चालकों की हिस्सेदारी सबसे अधिक 46.2 प्रतिशत रही। इसके बाद पैदल यात्रियों की हिस्सेदारी 20.6 प्रतिशत और कार, टैक्सी, वैन तथा अन्य हल्के मोटर वाहनों में यात्रा करने वालों की 12.4 प्रतिशत रही।
गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से देश को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग तीन प्रतिशत आर्थिक नुकसान होता है। इससे निपटने के लिए सड़क अभियांत्रिकी, सुरक्षित वाहन निर्माण और यातायात नियमों के कड़े अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री का पद संभाला था तब भारतीय वाहन उद्योग का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अमेरिका का वाहन उद्योग 78 लाख करोड़ रुपये, चीन का 47 लाख करोड़ रुपये और भारत का 22 लाख करोड़ रुपये का है।
गडकरी ने कहा कि देश में वाहन उद्योग ने अब तक 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार दिया है और यह माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में केंद्र और राज्य सरकारों को सबसे अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में शामिल है।
भाषा योगेश पाण्डेय
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