हिंदुस्तान कॉपर के ओएफएस में छह प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री को मिला जबर्दस्त समर्थन

हिंदुस्तान कॉपर के ओएफएस में छह प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री को मिला जबर्दस्त समर्थन

हिंदुस्तान कॉपर के ओएफएस में छह प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री को मिला जबर्दस्त समर्थन
Modified Date: August 26, 2026 / 06:03 pm IST
Published Date: August 26, 2026 6:03 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में सरकार की छह प्रतिशत तक हिस्सेदारी की बिक्री पेशकश (ओएफएस) बुधवार को निर्धारित शेयरों से अधिक बोलियां मिलने के साथ बंद हुई।

इस दो-दिवसीय बिक्री पेशकश के पहले दिन मंगलवार को संस्थागत निवेशकों ने 4,600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयरों के लिए बोली लगाई थी। बुधवार को खुदरा निवेशकों ने इस बिक्री पेशकश में बोली लगाई।

निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ओएफएस को खुदरा निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली और दोनों दिन निर्धारित सीमा से अधिक बोलियां लगाई गईं।

सरकार ने ओएफएस के जरिये हिंदुस्तान कॉपर के 5.80 करोड़ से अधिक शेयर यानी छह प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की थी। इसमें तीन प्रतिशत का ‘ग्रीन शू’ यानी अधिक बोली आने पर उसे रखने का विकल्प भी रखा गया है।

ओएफएस के लिए 514 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य तय किया गया था।

यह मूल्य सोमवार को कंपनी के शेयर के बंद भाव से 10.38 प्रतिशत कम था।

बुधवार को बीएसई में हिंदुस्तान कॉपर का शेयर 4.38 प्रतिशत बढ़कर 556.55 रुपये पर बंद हुआ।

सरकार की हिंदुस्तान कॉपर में फिलहाल 66.14 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

चालू वित्त वर्ष में सरकार अब तक आठ सार्वजनिक उपक्रमों में ओएफएस और एसयूयूटीआई से प्राप्त राशि के जरिये विनिवेश के रूप में करीब 52,716 करोड़ रुपये जुटा चुकी है।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में विनिवेश और परिसंपत्ति मौद्रीकरण से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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