नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी से जूझ रहे होटल कारोबारियों के संगठन ने मंगलवार को कहा कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो मुंबई के कई होटल और रेस्तरां को अगले दो दिनों में अपना कामकाज बंद करना पड़ेगा।
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के उपाध्यक्ष प्रदीप शेट्टी ने कहा कि पुणे, औरंगाबाद, नागपुर, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से भी इसी तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच, सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस के आवंटन की प्राथमिकता सूची में संशोधन किया है और एलपीजी उत्पादन को सीएनजी और पाइप वाली खाना पकाने की गैस के साथ शीर्ष पर रखा है। इससे बाजार मूल्य पर वाणिज्यिक एलपीजी का उपयोग करने वाले होटल और रेस्तरां के लिए आपूर्ति में भारी कमी हो गई है।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (पश्चिमी भारत) के प्रवक्ता शेट्टी ने कहा कि बीते एक सप्ताह में वाणिज्यिक एलपीजी की बेहद गंभीर किल्लत हो गई है और सोमवार से कई क्षेत्रों में आपूर्ति लगभग पूरी तरह ठप हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर जैसे शहरों से भी गंभीर किल्लत की खबरें मिल रही हैं। दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसी तरह की समस्याएं हैं। अगर अगले दो दिनों के भीतर स्थिति नहीं सुधरती है तो मुंबई में लगभग 50 प्रतिशत होटल एवं रेस्तरां को अपने पास उपलब्ध गैस सिलेंडरों के मौजूदा भंडार के आधार पर अस्थायी रूप से संचालन बंद करने को मजबूर होना पड़ सकता है।’’
शेट्टी ने कहा इस स्थिति में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक खास तौर पर प्रभावित होंगे। छोटे और मध्यम आकार के भोजनालय सबसे पहले प्रभावित होंगे, क्योंकि वे आमतौर पर सीमित भंडार के साथ काम करते हैं।
हालांकि उन्होंने कहा कि खाना पकाने के लिए इलेक्ट्रिक चूल्हे का विकल्प मौजूद है, लेकिन ये अब भी अधिकांश व्यावसायिक रसोई के लिए व्यवहारिक नहीं हैं।
शेट्टी ने कहा, ‘‘इस तरह के बदलाव के लिए महत्वपूर्ण लागत और बुनियादी ढांचे में बदलाव की भी जरूरत है। फिलहाल उद्योग के पास कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं है और होटल, रेस्तरां और खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए सुचारू वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति की तत्काल बहाली की जरूरत है।’’
भाषा रमण प्रेम
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