गुवाहाटी, 10 मार्च (भाषा) असम सरकार ने अगले महीने से चाय बागान मज़दूरों की दैनिक मज़दूरी में 30 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। एक सरकारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है।
यह बढ़ोतरी राज्य के बड़े चाय बागानों के साथ-साथ छोटे चाय बागानों में काम करने वाले मज़दूरों पर भी लागू होगी। असम देश का सबसे ज़्यादा चाय पैदा करने वाला राज्य है।
सात मार्च को जारी अधिसूचना में कहा गया, ‘‘असम के चाय बागान मज़दूरों के लिए न्यूनतम मज़दूरी सलाहकार बोर्ड की 26 फरवरी को हुई बैठक में की गई सिफ़ारिश के आधार पर, असम के राज्यपाल ने एक अप्रैल, 2026 से चाय बागान मज़दूरों की अंतरिम न्यूनतम मज़दूरी में 30 रुपये की अंतरिम बढ़ोतरी को मंज़ूरी दे दी है।’’
इसके मुताबिक, ब्रह्मपुत्र घाटी में चाय मज़दूरों को मौजूदा 250 रुपये के बजाय 280 रुपये प्रति दिन मिलेंगे, जबकि बराक घाटी में मज़दूरों को एक अप्रैल से मौजूदा 228 रुपये के बजाय 258 रुपये प्रति दिन दिए जाएंगे।
अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि अंतरिम मज़दूरी में यह बढ़ोतरी ब्रह्मपुत्र और बराक घाटी, दोनों जगहों के छोटे चाय बागानों में काम करने वाले मज़दूरों पर भी लागू होगी।
राज्य में चाय बागान मज़दूरों की न्यूनतम मज़दूरी में पिछली बार अक्टूबर, 2023 में 18 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
राज्य मंत्रिमंडल ने 26 फरवरी को मज़दूरी में 30 रुपये की बढ़ोतरी को मंज़ूरी दी थी। इससे पहले उसी दिन, मज़दूरी बढ़ाने के मुद्दे पर राज्य सरकार, चाय बागान मज़दूर यूनियनों और मालिकों के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक हुई थी।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्च शर्मा ने कहा था कि चूंकि केंद्र सरकार नए श्रम कानून लागू कर रही है, इसलिए मज़दूरी में फिर से बढ़ोतरी करनी पड़ेगी और सभी संबंधित पक्षों को ‘शायद अगले छह महीनों में फिर से बैठक करनी पड़ेगी।’
उन्होंने कहा था कि इसके बाद चाय बागान मज़दूरों की दैनिक मज़दूरी 300 रुपये से ज़्यादा होने की संभावना है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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