(IPO News/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: IPO News Update: ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच छिड़ी जंग ने वैश्विक शेयर बाजारों में अस्थिरता पैदा कर दी है और इसका असर भारत के एक ऐतिहासिक आईपीओ पर भी पड़ा है। सीनियर प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग देने वाली कंपनी एक्सईडी एक्जिक्यूटिव डेवलपमेंट ने पहले 6 मार्च को होने वाले अपने आईपीओ की लॉन्चिंग की तारीख बदलकर 16 मार्च कर दी है। यह बदलाव वैश्विक अस्थिरता के कारण हुआ है।
एक्सईडी एक्जिक्यूटिव डेवलपमेंट का आईपीओ 16 मार्च को खुलेगा और 24 मार्च को बंद होगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 10 से 10.5 डॉलर प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है और कुल 1.2 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस आईपीओ में दुनिया भर के प्रवासी भारतीय, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक और संस्थागत निवेशक हिस्सा ले सकते हैं। शेयर एनएसई में इंटरनेशनल एक्सचेंज और गिफ्ट सिटी में इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होगा।
यह आईपीओ गिफ्ट सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी) में होने वाली पहली शेयर बिक्री होगी। यह आईपीओ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) के नियमों के तहत लाया जा रहा है। केवल वे निवेशक इसमें भाग ले सकेंगे, जो IFSCA के नियमों के तहत पात्र हैं। गिफ्ट सिटी एक विदेशी एक्सचेंज के रूप में काम करता है, जहां लेन-देन डॉलर में होता है। इस आईपीओ का मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना है।
XED के संस्थापक और प्रबंध निदेशक जॉन कैलेलिल ने कहा कि आईपीओ से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल ग्लोबली विस्तार करने, विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी को बढ़ाने और प्रमुख बाजारों में वितरण क्षमताओं को मजबूत करने में किया जाएगा। XED कंपनी वर्तमान में भारत, पश्चिम एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और उत्तरी अमेरिका सहित 25 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है।
XED की स्थापना 2018 में हुई थी और इसने अब तक फॉर्च्यून 500 कंपनियों के अधिकारियों सहित 15,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया है। यह कंपनी नेतृत्व, रणनीति, डिजिटल परिवर्तन और उभरती तकनीकों पर केंद्रित कार्यक्रमों को डिजाइन करने के लिए 17 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करती है। कंपनी EBITDA और PAT दोनों स्तरों पर लाभ कमा रही है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।