हुंदै का ग्रामीण बाजार पर बड़ा दांव, कुल बिक्री में हिस्सेदारी 30 प्रतिशत पर पहुंचाने का लक्ष्य

हुंदै का ग्रामीण बाजार पर बड़ा दांव, कुल बिक्री में हिस्सेदारी 30 प्रतिशत पर पहुंचाने का लक्ष्य

हुंदै का ग्रामीण बाजार पर बड़ा दांव, कुल बिक्री में हिस्सेदारी 30 प्रतिशत पर पहुंचाने का लक्ष्य
Modified Date: September 6, 2026 / 11:11 am IST
Published Date: September 6, 2026 11:11 am IST

नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) हुंदै मोटर इंडिया लि. (एचएमआईएल) ग्रामीण बाजारों में अपनी पकड़ और मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी को उम्मीद है कि अगले तीन से चार साल में उसकी कुल बिक्री में ग्रामीण बाजारों की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 30 प्रतिशत हो जाएगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने यह बात कही है।

गर्ग ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा कि कंपनी की कुल बिक्री में स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की हिस्सेदारी करीब 68 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बाजारों में भी एसयूवी की हिस्सेदारी 69 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

गर्ग ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हुंदै की कुल बिक्री में ग्रामीण बाजारों की हिस्सेदारी बढ़कर 25.9 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 22.6 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बाजारों में अब भी वृद्धि की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ग्रामीण बाजारों में कंपनी की बिक्री में 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि शहरी बाजारों में यह वृद्धि महज 2.8 प्रतिशत रही।

कंपनी को अपने आगामी उत्पादों से भी ग्रामीण बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद है। इनमें एक मध्यम आकार की एसयूवी और एक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक एसयूवी शामिल हैं। गर्ग ने कहा कि इन नए मॉडल के आने के बाद ग्रामीण बाजारों में कंपनी की पहुंच और बिक्री को और गति मिल सकती है।

ग्रामीण बाजारों की क्षमता को देखते हुए हुंदै अपने बिक्री नेटवर्क का भी विस्तार कर रही है। कंपनी के मुताबिक, उसके द्वारा खोले जा रहे हर 10 नए आउटलेट या शोरूम में से करीब छह ग्रामीण बाजारों में स्थापित किए जा रहे हैं। यानी कंपनी के नए नेटवर्क विस्तार का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है।

इसके अलावा हुंदै के पास ग्रामीण इलाकों में सेवा देने के लिए 100 से अधिक मोबाइल सेवा वैन भी हैं। कंपनी का मानना है कि इन पहल से ग्राहकों तक बिक्री और बिक्री-बाद-सेवा दोनों की पहुंच बेहतर हो रही है।

गर्ग ने ग्रामीण बाजारों में विकास की संभावनाओं के पीछे बेहतर सड़क संपर्क को भी एक प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि देश में सड़क बुनियादी ढांचे का लगातार विस्तार हो रहा है और अब दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के सड़क नेटवर्क में पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है।

साथ ही, भारत में मोबाइल डेटा की कम कीमतों के कारण ग्रामीण उपभोक्ताओं की इंटरनेट और उत्पाद संबंधी जानकारी तक पहुंच बढ़ी है। इससे उन्हें नए वाहनों, खासकर एसयूवी जैसे उत्पादों के बारे में जानकारी हासिल करने और खरीद का निर्णय लेने में मदद मिल रही है।

अप्रैल से अगस्त की अवधि में हुंदै मोटर इंडिया ने घरेलू बाजार में 2,47,980 वाहन बेचे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी की बिक्री 2,20,233 इकाई रही थी। इस तरह कंपनी की घरेलू बिक्री में 12.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

हुंदै के देशभर में 1,510 से अधिक बिक्री आउटलेट और 1,670 से अधिक सर्विस सेंटर हैं। कंपनी अब अपने विस्तार की रणनीति में ग्रामीण भारत को प्रमुख केंद्र बनाकर चल रही है।

भाषा अजय अजय

अजय


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