बीते सप्ताह सोयाबीन तिलहन में सुधार, बिनौला तेल में गिरावट

बीते सप्ताह सोयाबीन तिलहन में सुधार, बिनौला तेल में गिरावट

बीते सप्ताह सोयाबीन तिलहन में सुधार, बिनौला तेल में गिरावट
Modified Date: September 6, 2026 / 09:52 am IST
Published Date: September 6, 2026 9:52 am IST

नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) बाजार में कम आवक के बीच बीते सप्ताह सोयाबीन तिलहन तथा औद्योगिक मांग के कारण कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम में सुधार आया। वहीं आयातकों द्वारा लागत से नीचे दाम पर बिकवाली करने से सोयाबीन तेल और ऊंचे भाव पर लिवाली कमजोर रहने से बिनौला तेल के दाम गिरावट आई। सुस्त कामकाज के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सोयाबीन की आवक कम है। सप्ताहांत में सोयाबीन की आवक घटकर 40-45 हजार बोरी की रह गई जबकि दैनिक मांग 2.5-3 लाख बोरी की है। कम आवक और त्योहारी मांग के बीच सोयाबीन तिलहन के दाम में अपने पिछले सप्ताहांत के मुकाबले बीते सप्ताह मामूली सुधार आया।

उन्होंने कहा कि दूसरी ओर आयातक, बैंकों में अपने ऋण साख-पत्र (एलसी) को चलाते रहने के लिए चौबीसों घंटे बिकवाल बने रहते हैं। वे ऋण साख-पत्र को चलायमान रखने के लिए लगभग पांच प्रतिशत तक नीचे दाम पर अपने सौदों केा बेच रहे हैं। आयातकों के सोयाबीन डीगम के आयात की लागत 125 रुपये किलो बैठती है और वे इस तेल को 118.50 रुपये किलो के भाव बेच रहे हैं। जिस देश में खाद्य तेल की लगभग 60 प्रतिशत जरूरत को आयात से पूरा करना पड़ता है वहां आयातक लागत से पांच प्रतिशत नीचे दाम पर खाद्य तेल बेचने को मजबूर हों, यह इन आयातकों की बदहाल आर्थिक स्थिति का संकेतक है। इन विशेष परिस्थितियों के बीच बीते सप्ताह सोयाबीन तेल के दाम में गिरावट आई।

सूत्रों ने कहा कि एक ओर तो सरकार विदेशी मुद्रा की बचत का इरादा जताती है पर दूसरी ओर आयातकों की लागत से नीचे दाम पर बिकवाली की ओर संभवत: किसी का ध्यान नहीं है।

इसी प्रकार ऊंचे दाम पर कमजोर मांग की वजह से बीते सप्ताह बिनौला तेल के दाम में भी गिरावट देखने को मिली।

दूसरी ओर, बढ़ती औद्योगिक मांग के बीच सूरजमुखी, मूंगफली एवं बिनौला जैसे बाकी खाद्य तेलों से सस्ता होने के कारण पाम-पामोलीन कीमतों में भी सुधार आया।

सूत्रों ने बताया कि ऊंचे दाम पर सुस्त कामकाज के बीच बीते सप्ताह सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे। बीते सप्ताह सरसों दाना 8,300-8,350 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों तेल दादरी 16,800 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों पक्की एवं कच्ची घानी तेल क्रमश: 2,735-2,835 रुपये और 2,735-2,885 रुपये टिन (15 किलो) पर स्थिर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 25-25 रुपये सुधार के साथ क्रमश: 6,700-6,750 रुपये और 6,550-6,650 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

दूसरी ओर, आयातकों की लागत से नीचे दाम पर बिकवाली की वजह से दिल्ली में सोयाबीन तेल 150 रुपये की गिरावट के साथ 15,600 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 150 रुपये की गिरावट के साथ 15,400 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 200 रुपये की गिरावट के साथ 11,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

बीते सप्ताह मूंगफली तिलहन का दाम 7,350-7,925 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 17,000 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,680-2,980 रुपये प्रति टिन पर स्थिर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 150 रुपये के सुधार के साथ 14,100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली 150 रुपये के सुधार के साथ 16,000 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 100 रुपये के सुधार के साथ 14,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

औद्योगिक मांग होने के बावजूद ऊंचे दाम पर कामकाज प्रभावित रहने से बीते सप्ताह बिनौला तेल का दाम 400 रुपये की गिरावट के साथ 16,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

भाषा राजेश

अजय

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