आईबीए ने बायोगैस क्षेत्र के लिए 50,000 पूर्व-सैनिकों को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए किया समझौता

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आईबीए ने बायोगैस क्षेत्र के लिए 50,000 पूर्व-सैनिकों को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए किया समझौता

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 05:12 PM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 05:12 PM IST

नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) उद्योग संगठन इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) ने आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन’ और ‘रेवेली एनर्जी एलएलपी के साथ एक शुरुआती समझौता किया है। इसका मकसद इस क्षेत्र के लिए लगभग 50,000 पूर्व-सैनिकों को हुनरमंद बनाना है।

आईबीए के एक बयान के मुताबिक, इस भागीदारी का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 50,000 पूर्व-सैनिकों के लिए रोजगार, कौशल विकास और टिकाऊ करियर के मौके बनाना है।

इस समझौते के जरिये भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न भूमिकाओं के लिए पूर्व-सैनिकों को प्रशिक्षण, समय के अनुरूप कौशल विकास और कौशल उन्नयन की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे जैव ऊर्जा क्षेत्र में कौशल की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को कम किया जा सकेगा।

इस सहयोग के माध्यम से सभी पक्ष मिलकर पूर्व-सैनिकों के लिए भरोसेमंद करियर के रास्ते बनाने और भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे।

भागीदारी के तहत, आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (एडब्लयूपीओ) पूरे देश में उपयुक्त पूर्व-सैनिक उम्मीदवारों को जुटाएगा और उनकी ‘स्क्रीनिंग’ करेगा, जबकि आईबीए अपने सदस्यों और उद्योग भागीदारों के बड़े नेटवर्क के जरिए उद्योग से जुड़ाव, ऑन-साइट ट्रेनिंग के मौके और नियोजन में मदद करेगा।

रेवेली एनर्जी एलएलपी इस पहल के लिए नीति, योजना और रणनीतिक तालमेल में मदद करेगी।

आईबीए के चेयरमैन गौरव केडिया ने कहा कि भारत का जैव ऊर्जा क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश के सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में कुशल कार्यबल अहम भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘एडब्ल्यूपीओ और रेवेली एनर्जी के साथ इस भागीदारी के जरिए, हमारा मकसद पूर्व-सैनिकों के लिए सार्थक रोजगार के मौके बनाने के अधिक हरित तथा आत्मनिर्भर ऊर्जा परिवेश के विकास में योगदान देना है। पहले चरण में, हम 25,000 से 50,000 सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को लक्ष्य कर योजना बना रहे हैं।’

आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के प्रबंध निदेशक, सेवानिवृत्त मेजर जनरल एएस चौहान ने कहा कि पूर्व-सैनिकों में नेतृत्व, ईमानदारी और कार्य निष्पादन क्षमता होती है, जिसकी हर बढ़ते उद्योग को आवश्यकता होती है।

उन्होंने कहा कि एडब्ल्यूपीओ, आईबीए और रेवेली एनर्जी के बीच यह सहयोग केवल रोजगार की पहल नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सेवा और सतत विकास का एक मजबूत संगम है।

भाषा रमण योगेश

योगेश