बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाई जाएगी प्रोत्साहन नीति : सम्राट चौधरी

बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाई जाएगी प्रोत्साहन नीति : सम्राट चौधरी

बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाई जाएगी प्रोत्साहन नीति : सम्राट चौधरी
Modified Date: March 9, 2026 / 10:16 pm IST
Published Date: March 9, 2026 10:16 pm IST

पटना, नौ मार्च (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार शीघ्र ही प्रोत्साहन नीति-2026 लाने जा रही है।

उन्होंने कहा कि जो लोग मजदूरी के लिए राज्य से बाहर जाते हैं, उन्हें अगले पांच वर्षों के भीतर चिन्हित कर बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यह सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं।

चौधरी पटना के ज्ञान भवन में गन्ना उद्योग विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय गन्ना प्रौद्योगिकी सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि गन्ना और चीनी उत्पादन के क्षेत्र में भी बिहार कभी बहुत आगे था, लेकिन समय के साथ हम इस क्षेत्र में काफी पीछे छूट गए।

उपमुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों और गन्ना किसानों से अपील करते हुए कहा कि नई तकनीक के साथ पारंपरिक पद्धतियों को भी अपनाना होगा, तभी खेती को बेहतर बनाया जा सकता है।

चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज, कृषि औषधियों और किसानों को आने वाली चुनौतियों के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले बड़ी संख्या में चीनी मिलें थीं, जो धीरे-धीरे बंद होती गईं। अब सरकार बंद पड़ी मिलों को चालू कराने के साथ-साथ नई चीनी मिलें स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

वर्तमान में राज्य में नौ चीनी मिलें चालू हैं।

सेमिनार में उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आजादी के समय बिहार गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में काफी आगे था, लेकिन बाद में बदहाली के कारण यह क्षेत्र पिछड़ गया। उन्होंने कहा कि अब ‘डबल इंजन’ की सरकार विकास को गति देने में जुटी है।

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार का इतिहास गवाह है कि राज्य कभी चीनी उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल था। गन्ने की खेती के लिए बिहार की भूमि उपयुक्त है, विशेषकर उत्तर बिहार की।

उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन योजना-2016 लागू है और नई एथनॉल प्रोत्साहन नीति भी बनाई गई है। गन्ना केवल चीनी ही नहीं, बल्कि ईंधन उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम किया जा रहा है और किसानों की मांग पर गन्ने का मूल्य भी बढ़ाया गया है।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि उद्योग स्थापित करना और अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि ‘सात निश्चय-3’ के तहत उद्योग क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

देश की सबसे पुरानी चीनी मिल बिहार के मढ़ौरा में वर्ष 1904 में स्थापित की गई थी। राज्य सरकार बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।

भाषा कैलाश रवि कांत रमण

रमण


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