आयकर विभाग ने गैर-ऑडिट करदाताओं से 31 अगस्त से पहले आईटीआर दाखिल करने को कहा

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आयकर विभाग ने गैर-ऑडिट करदाताओं से 31 अगस्त से पहले आईटीआर दाखिल करने को कहा

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 04:39 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 04:39 PM IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) आयकर विभाग ने सोमवार को कारोबार या पेशे से कमाई करने और लेखा-परीक्षण के दायरे में नहीं आने वाले करदाताओं से 31 अगस्त तक आकलन वर्ष 2026-27 का आयकर रिटर्न दाखिल करने को कहा।

ई-फाइलिंग पोर्टल पर 20 अगस्त तक दो करोड़ से अधिक आईटीआर-3 और आईटीआर-4 दाखिल किए जा चुके हैं, जिससे आकलन वर्ष 2026-27 के लिए दाखिल कुल आयकर रिटर्न की संख्या 6.5 करोड़ से अधिक हो गई है। इसमें 5.9 करोड़ से अधिक वे आईटीआर-1 और आईटीआर-2 भी शामिल हैं, जो 31 जुलाई की नियत तिथि तक दाखिल किए गए थे।

आयकर विभाग ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”जिन करदाताओं की व्यावसायिक या पेशेवर आय है और जिनका ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, उनके लिए निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख 31 अगस्त 2026 है। समय पर रिटर्न दाखिल कर टैक्स हीरो बनें।”

यदि कोई करदाता गैर-ऑडिट श्रेणी में आता है, तो वह लागू आईटीआर (आईटीआर-3, आईटीआर-4, आईटीआर-5 या आईटीआर-7) दाखिल कर सकता है।

आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) द्वारा दाखिल किया जाता है, जिनकी आय किसी एकल स्वामित्व वाले व्यवसाय या पेशे से होती है।

आईटीआर-4 एक सरल फॉर्म है जो छोटे और मध्यम करदाताओं की जरूरतों को पूरा करता है। आईटीआर-5 फर्मों, सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी) और सहकारी समितियों द्वारा दाखिल किया जाता है। आईटीआर-6 कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत कंपनियों द्वारा और आईटीआर-7 ट्रस्टों तथा परमार्थ संस्थाओं द्वारा दाखिल किया जाता है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण