नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एयरलाइन में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करने के आरोप में एक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि आरोपियों में कथित मुख्य साजिशकर्ता, वेबसाइट बनाने वाला (डेवलपर) और तीन महिला टेली-कॉलर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर विज्ञापनों के माध्यम से नौकरी खोज रहे युवाओं को अपना निशाना बनाते थे। वे ‘इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे’ पर नौकरी दिलाने का झांसा देते थे और कथित ‘एविएशन डिप्लोमा’ में दाखिले या पंजीकरण शुल्क के नाम पर 7,000 रुपये से 10,000 रुपये तक वसूलते थे।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का भंडाफोड़ तब हुआ जब एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि उसने सोशल मीडिया पर “ब्रिटिश एयरवेज” में नौकरी का एक विज्ञापन देखा था। विवरण भरने के बाद ‘करिश्मा’ नाम की महिला ने उससे संपर्क किया।
पुलिस ने बताया कि महिला ने पीड़ित से पहचान पत्र, शैक्षणिक अंकपत्र और बायोडाटा एकत्र किए तथा कहा कि इस नौकरी के लिए “फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट” से ‘एयरपोर्ट/विमानन प्रबंधन’ में डिप्लोमा करना अनिवार्य है।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पीड़ित ने ऑनलाइन माध्यम से 7,000 रुपये का भुगतान किया, जिसके बाद उसे दाखिले की फर्जी रसीद, अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की पर्ची और नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव पत्र भेज दिया गया।
जब पीड़ित को पता चला कि “ब्रिटिश एयरवेज” नाम की कोई एयरलाइन अस्तित्व में ही नहीं है और आरोपियों ने उसके फोन उठाना बंद कर दिया, तो उसने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
इस संबंध में 14 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबरों और बैंक लेनदेन की कड़ियों समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की।
पुलिस के अधिकारी ने बताया कि संदेह के आधार पर पुलिस नोएडा पहुंची, जहां से 18 अगस्त को मुख्य साजिशकर्ता संदीप कुमार (23) और उसके सहयोगी अखिल कुमार (27) को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि संदीप पहले भी फर्जी विमानन कंपनियों में टेली-कॉलर के रूप में काम कर चुका था। बाद में उसने अखिल के साथ 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी करके अपना यह फर्जी कारोबार शुरू किया।
अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपी नोएडा में किराए के कार्यालय में यह फर्जी कंपनी चला रहे थे। उन्होंने अपनी वेबसाइट बनाने के लिए एक ‘वेबसाइट डेवलपर’ को काम पर रखा था और ऑनलाइन पोर्टल से नौकरी खोजने वालों का डेटा खरीदा था।
उन्होंने बताया कि वे महिलाओं को टेली-कॉलर के रूप में नौकरी पर रखते थे, जो खुद को मानव संसाधन (एचआर) अधिकारी बताकर उम्मीदवारों से संपर्क करती थीं।
पुलिस के मुताबिक, “ब्रिटिश एयरवेज” के खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद, आरोपियों ने “शंख एयरवेज” और “एक्सीलेंस लर्निंग इंस्टीट्यूट” के नाम से नई फर्जी वेबसाइटें शुरू कर दी थीं।
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में संदीप कुमार, अखिल कुमार के अलावा ‘वेबसाइट डेवलपर’ राकेश कुमार (47) और टेली-कॉलर श्वेता, सपना व साक्षी (20) शामिल हैं।
पुलिस ने इनके पास से दो लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और दो रजिस्टर जब्त किए हैं जिनमें अभ्यर्थियों का डेटा है।
एनसीआरपी की जांच में इस फर्जी एयरलाइन तथा आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से जुड़ी 10 शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।
भाषा नोमान नोमान मनीषा
मनीषा