नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में विवाद निपटान समिति गठित करने के चीन के अनुरोध को रोक दिया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
चीन ने यह मामला नयी दिल्ली की वाहन, बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए दी जाने वाली प्रोत्साहन योजनाओं के खिलाफ दायर किया है।
चीन ने इस महीने की शुरुआत में द्विपक्षीय परामर्श के जरिये विवाद सुलझाने में विफल रहने के बाद डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान निकाय (डीएसबी) से समिति गठित करने का अनुरोध किया था।
पिछले साल अक्टूबर में बीजिंग ने आरोप लगाया था कि उन्नत रसायन सेल बैटरी, ऑटोमोबाइल के लिए भारत की उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण को बढ़ावा देने वाली नीति की कुछ शर्तें वैश्विक व्यापार नियमों का उल्लंघन करती हैं। चीन का दावा है कि ये शर्तें चीनी सामानों के साथ भेदभाव करती हैं।
डब्ल्यूटीओ को भेजे एक संदेश में चीन ने कहा कि आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए 25 नवंबर, 2025 और छह जनवरी, 2026 को परामर्श आयोजित किए गए थे। हालांकि परामर्श विवाद को सुलझाने में विफल रहे।
जिनेवा स्थित अधिकारी ने बताया कि डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान निकाय की बैठक में ”भारत ने ऑटोमोटिव और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में कुछ भारतीय उपायों के संबंध में विवाद समिति की स्थापना के लिए चीन के अनुरोध को रोक दिया।”
नियमों के अनुसार चीन अगली बैठक में अपना अनुरोध दोबारा रख सकता है।
डब्ल्यूटीओ नियमों के मुताबिक परामर्श मांगना विवाद निपटान प्रक्रिया का पहला कदम है। यदि शिकायतकर्ता के परामर्श का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है, तो वह मामले की सुनवाई के लिए डब्ल्यूटीओ से एक समिति गठित करने का अनुरोध कर सकता है।
भाषा पाण्डेय रमण
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