नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन ने मंगलवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता दुनिया को एक मजबूत संकेत देता है।
उन्होंने कहा कि कि एफटीए पर बातचीत का निष्कर्ष भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी में एक निर्णायक क्षण है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल शुरुआत है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित भोज में दिए भाषण में लायन ने कहा, ‘यह समझौता यूरोप और भारत के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी की नींव रखता है। ऐसे समय में हम दुनिया को यह संदेश दे रहे हैं कि भारत और यूरोप संवाद, सहयोग और साझेदारी का रास्ता चुन रहे हैं।’
भारत और ईयू ने मंगलवार को एफटीए वार्ता पूरी होने की घोषणा की, जिसके इसी वर्ष लागू होने की संभावना है।
इसके तहत यूरोपीय संघ में भारत के 90 प्रतिशत से अधिक उत्पादों को शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि 27 देशों वाले ईयू के करीब 93 प्रतिशत उत्पादों को भारत में शुल्क में रियायत दी जाएगी।
फॉन डेर लायन ने कहा कि यह समझौता दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक सीमा खोलने जैसा है, जिससे लगभग दो अरब लोगों का विशाल बाजार जुड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ व्यापार नहीं है। इसका मतलब है ज्यादा और बेहतर नौकरियां, मजबूत दोस्ती, अधिक संपर्क, कारोबार के लिए नए अवसर और दूसरे देशों पर निर्भरता में कमी।’
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और यूरोप रणनीतिक स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं और इसी दिशा में दोनों पक्षों ने सुरक्षा और रक्षा साझेदारी भी शुरू की है, ताकि भारत और यूरोप के हितों की रक्षा हो सके और क्षेत्र में स्थिरता आए।
फॉन डेर लायन ने कहा कि दोनों मिलकर महाद्वीपों के बीच एक नई सुनहरी राह बना सकते हैं, जो भारत और दुनिया के लिए एक उज्ज्वल भविष्य का रास्ता खोलेगी।
भाषा योगेश रमण
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