भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता अब तक का सबसे महत्वपूर्ण समझौता होगा: पीयूष गोयल

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता अब तक का सबसे महत्वपूर्ण समझौता होगा: पीयूष गोयल

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता अब तक का सबसे महत्वपूर्ण समझौता होगा: पीयूष गोयल
Modified Date: January 16, 2026 / 10:04 pm IST
Published Date: January 16, 2026 10:04 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अब तक हस्ताक्षरित सभी समझौतों में सबसे महत्वपूर्ण होगा। इस समझौते के लिए बातचीत अब अंतिम चरण में है।

इस समझौते पर वार्ता संपन्न होने की घोषणा 27 जनवरी को होने की संभावना है।

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यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। वे 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं।

गोयल ने संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने अब तक विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ सात सौदे किए हैं। यह समझौता उन सभी में सबसे महत्वपूर्ण साबित होगा।’

उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र भारत के हितों के अनुकूल हैं, वहां हमें बेहतरीन सौदा मिल रहा है और ईयू के हितों वाले क्षेत्रों में भी हम उन्हें बेहतर अवसर दे रहे हैं।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि अच्छी बात यह है कि हम एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करते हैं। हमारे हित अलग-अलग हैं।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने 2014 से अब तक सात व्यापार समझौतों को अंतिम रूप दिया है, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड, यूएई, ईएफटीए और मॉरीशस शामिल हैं।

इससे पहले आसियान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, साफ्टा और सिंगापुर के साथ भी कई समझौते लागू किए जा चुके हैं।

ईयू के साथ यह समझौता सबसे बड़ा होगा क्योंकि इस ब्लॉक में फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड जैसे 27 विकसित देश शामिल हैं।

गोयल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार काफी संतुलित है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे विकास के अपार अवसर खुलेंगे। साथ ही भारत और यूरोपीय संघ एक-दूसरे के पूरक हैं और उनके बीच कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है।

हालांकि, बातचीत अभी जारी है और यूरोपीय संघ के कार्बन कर जैसे कुछ मुद्दों को सुलझाया जाना बाकी है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की स्थिति पर उन्होंने कहा कि ‘यह भी सही समय पर होगा।’

वर्तमान में भारत के कुल निर्यात में ईयू की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है।

भाषा

सुमित रमण

रमण


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