भारत- ईयू के बीच एफटीए पर वार्ता; किसानों, एमएसएमई के हितों की रक्षा का वादा

भारत- ईयू के बीच एफटीए पर वार्ता; किसानों, एमएसएमई के हितों की रक्षा का वादा

  •  
  • Publish Date - January 9, 2026 / 03:09 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 03:09 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को ब्रसेल्स में प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने एक नियम-आधारित व्यापार ढांचे और एक आधुनिक आर्थिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के हितों की रक्षा करेगी।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस वार्ता के लिए यूरोपीय संघ मुख्यालय की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। उन्होंने एक पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए सुनिश्चित करने के लिए ईयू के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविच के साथ उच्च स्तरीय चर्चा की।

गोयल ने सोशल मीडिया पर लिखा, ”इस वार्ता के दौरान हमने प्रस्तावित समझौते के प्रमुख क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया। हमने एक नियम-आधारित व्यापार ढांचे और एक आधुनिक आर्थिक साझेदारी के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो भारतीय उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ते हुए किसानों और एमएसएमई के हितों की रक्षा करती है।”

यह मंत्री-स्तरीय वार्ता ब्रसेल्स में एक सप्ताह के गहन विचार-विमर्श के बाद हो रही है। इसकी आधारशिला इस सप्ताह की शुरुआत में (6-7 जनवरी) भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग के व्यापार महानिदेशक सबाइन वेयंड के बीच हुई उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान रखी गई थी।

ये वार्ताएं महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि दोनों पक्ष जल्द से जल्द बातचीत को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं। भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन 27 जनवरी को यहां होने की संभावना है, और यूरोपीय संघ का शीर्ष नेतृत्व 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होगा।

अग्रवाल ने 15 दिसंबर को कहा था कि भारत और 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ के बीच बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच गई है, और दोनों पक्ष मतभेदों को दूर करने तथा वार्ता को जल्द समाप्त करने में लगे हुए हैं। अब तक वार्ता के 16 दौर आयोजित किए जा चुके हैं।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण