नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता के समापन, एक रणनीतिक रक्षा समझौते और प्रवासियों की सुगम आवाजाही को अंतिम रूप देना मंगलवार को होने वाली भारत-यूरोपीय संघ शिखर वार्ता के मुख्य परिणाम होंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे। उम्मीद है कि यह बैठक व्यापार और सुरक्षा पर वाशिंगटन की नीतियों से उत्पन्न भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच दोनों पक्षों के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण पेश करेगी।
कोस्टा और वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को कहा, ‘एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है। इससे हम सभी को लाभ होता है।’
उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की सैन्य टुकड़ी की भागीदारी को दोनों पक्षों के बीच गहराते सुरक्षा सहयोग का एक शक्तिशाली प्रतीक बताया।
उन्होंने परिणामों की पुष्टि करते हुए कहा, ‘कल हमारी सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर के साथ इसका समापन होगा।’
यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविच ने गणतंत्र दिवस समारोह देखने के बाद संकेत दिया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को मंगलवार को अंतिम रूप दिया जाएगा।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, ‘भारत के गणतंत्र दिवस के लिए अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना एक गहरा सम्मान है। हमारी साझेदारी की पुष्टि करने और एक महत्वाकांक्षी एफटीए के समापन के माध्यम से इसे और मजबूत करने के लिए इससे अधिक उपयुक्त कोई क्षण नहीं हो सकता।’
वॉन डेर लेयेन ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ एक ‘ऐतिहासिक व्यापार समझौते’ के मुहाने पर हैं, जो दो अरब लोगों का बाजार तैयार करेगा, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।
भाषा सुमित पाण्डेय
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