KGMU Mazar News: ‘600 साल पुरानी मजारें’… हटाने की नोटिस के खिलाफ एकजुट हुए धर्मगुरु, मुस्लिम संगठनों ने कर दिया ये बड़ा ऐलान

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KGMU Mazar News: ‘600 साल पुरानी मजारें’… हटाने की नोटिस के खिलाफ एकजुट हुए धर्मगुरु, मुस्लिम संगठनों ने कर दिया ये बड़ा ऐलान

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  • Publish Date - January 26, 2026 / 06:15 PM IST,
    Updated On - January 26, 2026 / 06:17 PM IST

KGMU Mazar News/Image Source: File image

HIGHLIGHTS
  • KGMU में मजार हटाने पर बवाल
  • 15 दिन के नोटिस के खिलाफ सियासी तूफान
  • सपा बोली-हटाया तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

लखनऊ: KGMU Mazar News: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में बनी मजारों को हटाने को लेकर जारी 15 दिन के नोटिस के बाद सियासी और सामाजिक माहौल गर्मा गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ समाजवादी पार्टी, मुस्लिम धार्मिक संगठनों और कई सामाजिक संगठनों ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। विरोध करने वालों का कहना है कि यह कार्रवाई न सिर्फ धार्मिक आस्था पर चोट है, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

प्रशासन ने जारी किया 15 दिन का नोटिस (Lucknow News)

KGMU Mazar News: KGMU प्रशासन की ओर से परिसर में चस्पा किए गए नोटिस में मजारों को विश्वविद्यालय की जमीन पर बना अवैध निर्माण बताया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर मजारों को नहीं हटाया गया तो प्रशासन पुलिस बल की मदद से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। साथ ही, इस कार्रवाई पर आने वाले खर्च की वसूली भी जिम्मेदार लोगों से किए जाने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने नियमों और सरकारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए सख्त रुख अपनाया है। नोटिस सामने आते ही समाजवादी पार्टी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार और KGMU प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। सपा नेताओं का कहना है कि बिना संवाद और संवेदनशीलता के उठाया गया यह कदम लाखों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। पार्टी का आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है। इसी कड़ी में लखनऊ के शाहमीना शाह इलाके में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ मुस्लिम संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और धर्मगुरुओं ने हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में नोटिस का विरोध करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

600 साल पुरानी मजारों का दावा (KGMU Mazaar Notice)

KGMU Mazar News: प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने दावा किया कि KGMU परिसर में मौजूद मजारें करीब 600 साल पुरानी हैं और इनका ऐतिहासिक, धार्मिक और सामाजिक महत्व है। उनका कहना था कि ये मजारें केवल संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि पीढ़ियों से लोगों की आस्था का केंद्र रही हैं, जहां हर समुदाय के लोग दुआ और मन्नत के लिए आते रहे हैं। ऐसे में इन्हें अवैध निर्माण बताना इतिहास और परंपरा दोनों को नकारने जैसा है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने साफ कहा कि यदि मजारों को हटाने की कोशिश की गई तो पार्टी सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मुद्दा प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है। साथ ही, सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा गया कि प्रशासन को संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए जाएं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी ऐलान किया गया कि मजारों को बचाने के लिए सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया जाएगा, जो मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेगा। वक्ताओं ने कहा कि वे कानूनी दायरे में रहकर मजारों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

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"KGMU मजार हटाने नोटिस" क्या है और क्यों जारी किया गया?

उत्तर: KGMU प्रशासन ने परिसर में मजारों को अवैध निर्माण बताते हुए 15 दिन में हटाने का नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि इसे समय पर नहीं हटाया गया, तो प्रशासन पुलिस की मदद से ध्वस्तीकरण करेगा।

"KGMU मजार विरोध" में समाजवादी पार्टी की भूमिका क्या है?

उत्तर: समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई का विरोध किया है और इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक बताया है। पार्टी ने सरकार और प्रशासन से नोटिस को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

"KGMU 600 साल पुरानी मजार" का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

उत्तर: KGMU परिसर में मौजूद मजारें लगभग 600 साल पुरानी हैं और पीढ़ियों से लोगों की आस्था का केंद्र रही हैं। ये धार्मिक, सामाजिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।