नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) भारत के ब्रिटेन को होने वाले लगभग 85 प्रतिशत इस्पात निर्यात को ब्रिटेन के आगामी इस्पात रक्षोपाय (सेफगार्ड) नियमों से छूट मिल गई है, जबकि शेष खेपों के लिए बाजार पहुंच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत देश-विशिष्ट और अन्य कोटे जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार, ब्रिटेन के हालिया इस्पात सेफगार्ड उपायों ने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के क्रियान्वयन में एक प्रमुख अड़चन पैदा कर दी थी। इस समझौते पर 24 जुलाई, 2025 को हस्ताक्षर किए गए थे। इस मुद्दे के समाधान के साथ ही अब 15 जुलाई से इसके लागू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
मार्च में घोषित ब्रिटेन के इस्पात रक्षोपाय सभी देशों पर लागू होंगे। इन प्रावधानों के तहत एक जुलाई से शुल्क-मुक्त इस्पात आयात कोटा में 60 प्रतिशत की कटौती की जाएगी, जबकि निर्धारित सीमा से अधिक आयात पर मौजूदा 25 प्रतिशत की जगह 50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। यह कदम वैश्विक अतिरिक्त उत्पादन से घरेलू उद्योगों की रक्षा के लिए उठाया गया है।
इस सुरक्षा उपाय का असर इस्पात क्षेत्र से ब्रिटेन को भारत के 83.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर के निर्यात में से लगभग 15 प्रतिशत हिस्से पर पड़ेगा।
कुल मिलाकर, भारत से ब्रिटेन को होने वाले 13.7 करोड़ डॉलर मूल्य के इस्पात निर्यात के 188 उत्पाद इन रक्षोपायों के दायरे में थे, लेकिन अब ये उत्पाद भी व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच प्राप्त करेंगे।
भाषा योगेश अजय
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