नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन एस महेंद्र देव ने शुक्रवार को कहा कि भारत टिकाऊ वृद्धि के लिए भरोसेमंद ऊर्जा लक्ष्यों और स्वच्छ स्रोतों के बीच सावधानीपूर्वक संतुलन बना रहा है।
उन्होंने कहा कि यह नीतिगत नजरिया पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करता है।
उन्होंने आईएसआईडी-वाइडर सम्मेलन में कहा कि पश्चिम एशिया में हालिया संघर्षों सहित भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने वैश्विक आर्थिक प्रणाली की नाजुकता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा तथा कीमतों पर इसके प्रभाव को रेखांकित किया है।
देव ने कहा, ”इन घटनाओं से एक मौलिक सच्चाई पर नए सिरे से ध्यान गया है… कि निरंतर, मजबूत और समावेशी आर्थिक वृद्धि के लिए ऊर्जा सुरक्षा अहम है।”
उन्होंने कहा, ”भारत का नीतिगत नजरिया इसी वास्तविकता के जवाब में विकसित हुआ है। यह दो उद्देश्यों के सावधानीपूर्वक संतुलन पर आधारित है। पहला, वृद्धि और समानता को बढ़ावा देने के लिए विश्वसनीय और सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित करना। दूसरा, स्वच्छ और अधिक टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों की ओर निर्णायक बदलाव को प्रोत्साहित करना।”
देव ने कहा कि यह दोहरी प्रतिबद्धता भारत की जलवायु रणनीति में स्पष्ट रूप से व्यक्त की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियां लगातार मौजूद हैं, जिनमें भू-राजनीतिक विखंडन, अस्थिर वित्तीय हालात, आपूर्ति श्रृंखलाओं में कमजोरियां और हाल के युद्धों तथा शुल्क झटकों के कारण बढ़ी हुई वैश्विक अनिश्चितता शामिल है।
देव ने कहा कि इस नई खंडित या बहुध्रुवीय वैश्विक दुनिया में, नियम आधारित डब्ल्यूटीओ जैसे बहुपक्षीय संस्थान कमजोर हो गए हैं। उन्होंने आईएमएफ और विश्व बैंक जैसे बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार पर भी जोर दिया।
भाषा पाण्डेय रमण
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